यूरोपियन कमीशन प्रेसिडेंट बोलीं– भारत ग्लोबल पॉलिटिक्स में टॉप पर, डिनर में दिखी भारत-यूरोप की केमिस्ट्री

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन की भव्य शाम, कूटनीतिक गर्मजोशी और साफ संदेश, भारत अब सिर्फ उभरती ताकत नहीं बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। मंगलवार को यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में डिनर आयोजित किया गया। इस मौके पर यूरोपीय यूनियन डेलिगेशन के साथ भारत के शीर्ष नेता मौजूद रहे।
राष्ट्रपति भवन में हाई-प्रोफाइल डिनर
इस खास डिनर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। माहौल औपचारिक था. लेकिन बातचीत में भविष्य की साझेदारी को लेकर उत्साह साफ दिखा। यूरोपियन डेलिगेट्स और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दौरान संबोधन भी दिया।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बड़ा बयान
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ग्लोबल पॉलिटिक्स में टॉप पर पहुंच चुका है। उन्होंने इसे ऐसा डेवलपमेंट बताया, जिसका यूरोप खुले दिल से स्वागत करता है। उनके मुताबिक, आज की दुनिया में भारत की भूमिका सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रही, बल्कि वैश्विक स्तर पर फैसले तय करने वाली हो गई है।
सोच और नजरिया लगभग एक जैसाः राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में भारत और यूरोप की सोच और नजरिया काफी हद तक एक जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की वैश्विक चुनौतियों का सामना अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है।
उर्सुला ने और क्या कहा…
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-यूरोप रिश्तों को लेकर कई अहम बातें रखीं,
- अगर यूरोप और भारत अपने संसाधनों और ताकत को मिलाएं, तो बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है
- यह भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और साझेदारी का एक अहम मोड़ है, हालांकि यह सिर्फ शुरुआत है
- भारत और यूरोप दुनिया को मजबूत संदेश दे रहे हैं कि तनाव के दौर में भी बातचीत और सहयोग संभव है
- इससे अस्थिर समय में स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा, कारोबार और निवेश को भी निश्चितता मिलेगी
उनका कहना था कि इन समझौतों के साथ भारत और यूरोप मिलकर और ऊंचाइयों तक जा सकते हैं।
एंटोनियो कोस्टा बोले– आज के नतीजों पर गर्व
यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने डिनर के दौरान कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में भारत-यूरोप की रणनीतिक साझेदारी का आर्थिक और भू-राजनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, “मुझे आज के शिखर सम्मेलन के नतीजों पर गर्व है।” उनके मुताबिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, डिफेंस पार्टनरशिप और 2030 के लिए जॉइंट स्ट्रैटजिक एजेंडा, वैश्विक मुद्दों पर सहकारी नेतृत्व का एक सॉलिड उदाहरण है।
