बेंगलुरु में अंधविश्वास की हद! धन के लिए माता-पिता ने की नवजात की बलि की तैयारी

बेंगलुरुः कर्नाटक के बेंगलुरु जिले के ग्रामीण इलाके से अंधविश्वास की हद में एक सिहरन पैदा करने वाली कहानी सामने आई है। यहां धन-दौलत की लालसा ने इंसानियत की सारी सीमाएं तोड़ दीं। एक दंपति कथित तौर पर पूजा के नाम पर अपने ही घर में एक मासूम की बलि देने की तैयारी कर रहा था। हालांकि एक फोन कॉल ने उनकी प्लानिंग को फेल कर दिया और मासूम की जान बच पाई।
दरअसल, लालच के चक्कर में माता-पिता ने घर के एक कमरे में गड्ढा तक खोद दिया गया था, मानो यह कोई अपराध नहीं बल्कि तयशुदा रस्म हो।
अनजान कॉलर से बची मासूम की जान
यह घटना होसाकोटे तालुक के सुलिबेले स्थित जनता कॉलोनी की है। पूर्णिमा की रात एक अज्ञात कॉल ने बाल संरक्षण हेल्पलाइन को चौंका दिया। सूचना मिलते ही बाल संरक्षण इकाई और पुलिस हरकत में आई। जब टीम ने घर पर छापा मारा, तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था। घर के अंदर बलि की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
धन के लालच में नवजात की बलि
आरोप है कि सैयद इमरान और उसकी पत्नी ने धन लाभ की कामना में एक नवजात शिशु की बलि देने की योजना बनाई थी। बताया गया कि उन्होंने आठ महीने पहले एक प्रवासी मजदूर से बच्चे को खरीदा और बाद में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया। छापेमारी के दौरान दंपति ने गोद लेने से जुड़ा एक कथित समझौता पत्र दिखाया, लेकिन यह गोद लेना कानूनी प्रक्रिया से बाहर था।
अधिकारियों ने तुरंत आठ महीने के मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला और शिशु गृह भेज दिया। फिलहाल बाल संरक्षण एवं कल्याण समिति पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। सुलिबेले पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। यह घटना न सिर्फ कानून पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में जड़ जमाए अंधविश्वास की भयावह तस्वीर भी दिखाती है।
