गुना में लव मैरिज के बवाल में खाकी पर खूनी हमला, हाईवे पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

गुनाः मध्य प्रदेश के गुना जिले में सोमवार को ऐसी घटना हुई, जिसने कानून-व्यवस्था की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। प्रेम विवाह से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना उग्र हो गया कि भीड़ ने पुलिस को ही निशाना बना लिया। गुस्साए उपद्रवियों ने न केवल कॉनस्टेबल को बंधक बनाकर मारपीट की, बल्कि बचाने पहुंची पुलिस और एसएएफ की टीम को निशाना बनाया हालात ये हो गए कि NH-46 पर दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटा। हाईवे में हालात ऐसे बिगड़े कि वर्दीधारी जवान अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आए।
ऐसे भड़की चिंगारी?
इस खूनी घटनाक्रम की जड़ 28 दिसंबर को दर्ज एक गुमशुदगी की रिपोर्ट है। लोधा समाज की एक युवती, मीना समाज के युवक के साथ घर से चली गई थी। दो दिन बाद दोनों ने लव मैरिज कर ली। इसके बाद सोमवार के दिन युवती के परिजन और समाज के लोग बीनागंज चौकी पहुंचे। वे युवती को सौंपने की मांग करने लगे। हालांकि युवती बालिग थी और उसने पुलिस के सामने साफ कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। पुलिस ने बयान दर्ज कर उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। उन्होंने युवती को घरवालों को नहीं सौंपा।
वहीं, यही बात परिजनों और समाज के कुछ लोगों को नागवार गुजरी। अंदर ही अंदर गुस्सा सुलगता रहा और सोमवार को वह सड़कों पर फूट पड़ा।
हाईवे को चक्काजाम कर युवक के घर आग लगाने की धमकी
सोमवार को पैंची गांव के पास नेशनल हाईवे पर भीड़ ने चक्काजाम करने का प्रयास किया। साथ ही लड़के के घर में आग के हवाले करने की धमकी देने लगे। जब कॉनस्टेबल नरेन्द्र ओझा ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो हालात बेकाबू हो गए। भीड़ ने आरक्षक को पकड़ लिया, बंधक बनाया और मिर्ची डालने के बाद बेरहमी से पीटा।
पुलिस को हाईवे में दौड़ा-दौड़कर पीटा
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी और SAF के आधा दर्जन से अधिक जवान मौके पर पहुंचे। लेकिन हालात संभलने की जगह और बिगड़ गए। पहले से तैयार भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया। SAF जवानों की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया गया, जिससे वे कुछ देख नहीं पाए। इसके बाद लाठी-डंडों और पत्थरों से पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।
कई जवान घायल, वाहन क्षतिग्रस्त
हमला इतना जबरदस्त था कि पुलिसकर्मियों को हाईवे पर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। महिलाओं ने भी पथराव किया। पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हेड कॉनस्टेबल मंगल सिंह तोमर, एसएएफ के ASI समेत कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई की तैयारी
पुलिस पर हुए इस सीधे हमले के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हमलावरों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वर्दी पर हाथ उठाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
