Top
Home > मनोरंजन > पंचतत्व में विलीन हुए ऋषि कपूर, रणबीर कपूर ने पूरी की अंतिम संस्कार की विधि

पंचतत्व में विलीन हुए ऋषि कपूर, रणबीर कपूर ने पूरी की अंतिम संस्कार की विधि

पंचतत्व में विलीन हुए ऋषि कपूर, रणबीर कपूर ने पूरी की अंतिम संस्कार की विधि
X

मुंबई। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर का अंतिम संस्कार मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में किया गया। लॉकडाउन के चलते ऋषि कपूर की अंतिम यात्रा में परिवार के कुछ लोग ही शामिल हो सके। मुंबई पुलिस के कहने पर कपूर परिवार ऋषि का पार्थिव शरीर घर की जगह सीधे चंदनवाड़ी श्मशान घाट लेकर गया। करीब आधे घंटे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। आपको बता दें कि ऋषि कपूर को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद बुधवार को मुंबई के एच एन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

ऋषि कपूर के निधन की जानकारी अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर दी थी कि ऋषि कपूर का निधन हो गया है। बता दें कि ऋषि कपूर के निधन के बाद परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर लिखा था, 'हमारे प्यारे ऋषि कपूर आज सुबह 8.45 पर इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का कहना है कि वह लास्ट तक सभी को एंटरटेन करते रहते थे। वह इन 2 सालों में बीमारी से लड़ते हुए भी खुश रहते थे। उनका फोकस सिर्फ परिवार, दोस्त, खाना और फिल्मों में था। जो भी उनसे मिलता वो ये देखकर चौंक जाते थे कि कैसे ऋषि ने बीमारी से खुद को कभी निराश नहीं होने दिया।'

लॉकडाउन के चलते ऋषि के अंतिम संस्कार को जल्दी पूरा क‍िया गया। श्मशान घाट पर 3:00 बजे 5 पुजारी सामग्री के साथ पहुंच गए थे। इसके बाद 3:45 पर ऋषि कपूर का पार्थिव शरीर एंबुलेंस के जरिए अस्‍तपाल से श्‍मशान पहुंचा। 4:17 पर परिजन क्रिया संपन्न करके श्‍मशान से बाहर आते दिखे। अंतिम संस्कार के बाद मरीन लाइंस ब्रिज पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई जिसे हटाने के लिए पुलिस को परेशान होना पड़ा। पुलिस के लगातार अनाउंस करने के बाद भी भीड़ काबू में नहीं आ आई।

अंतिम संस्कार में सिर्फ 24 लोगों के शामिल होने की इजाजत थी। अभिषेक बच्चन और 5 पुजारी वहां पहले से ही मौजूद थे। आदर जैन, आलिया भट्ट, सैफ अली खान भी वहां बाद में पहुंचे। नीतू कपूर, रणबीर कपूर, रीमा जैन, मनोज जैन, अरमान जैन, आदर जैन, अनीशा जैन, विमल पारेख, आलिया भट्ट, अयान मुखर्जी, राहुल रवैल, करीना कपूर, सैफ अली खान, राजीव कपूर, रणधीर कपूर, नताशा नंदन, रोहित धवन, राहुल रवैल समेत कुल 24 लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

ऋषि की बेटी रिद्धिमा की चार्टर्ड प्लेन से दिल्‍ली से मुंबई आने के की तैयारी में थीं, लेकिन डीजीसीए से परमिशन नहीं मिली। मुंबई पुलिस ने लॉकडाउन को देखते हुए गुरुवार को ही अंतिम संस्कार की परमिशन दी थी। 3 बजे तक अंतिम संस्कार होना था, लेकिन रिद्धिमा उस वक्त तक न आ सकीं। पुलिस और इंतजार नहीं कर सकती थी लिहाजा बेटी के बिना ही अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले रिद्ध‍िमा को दिल्‍ली में भी मुंबई जाने के लिए परमिशन लेनी पड़ी। र‍िद्ध‍िमा समेत 5 लोगों को मूवमेंट पास दिया गया। लेकिन प्राइवेट प्‍लेन को उड़ने की इजाजत मिलने में देरी हुई।

श्मशान के ऋषि के फैंस भी जमा होने लगे थे, जिन्हें पुलिस ने दूर किया है। श्मशा घाट के तीनों रास्तों पर पुलिस ने बेरीकेडिंग की गई थी। सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए पुलिस को माइक पर अनाउंसमेंट भी करना पड़ा। वहीं श्मशान के आसपास रहने वाले लोगों को भी पुलिस ने घर से बाहर आने से मना कर दिया था।

सोशल डिस्‍टेंसिंग के निर्देशों के बीच अस्‍पताल में लोगों को जमा होने से मना किया गया। ऐसे में सिर्फ परिवार से जुड़े लोग ही अस्‍पताल में रहे। करीना कपूर खान, सैफ अली खान, राजीव कपूर, रणबीर कपूर, नीतू कपूर, रणधीर कपूर और आलिया भट्ट भी अस्‍पताल में थे। इस मुश्‍क‍िल घड़ी में परिवार के बाहर से सिर्फ अभ‍िषेक बच्‍चन को अस्‍पताल में रुकने की इजाजत दी गई थी।

मरीन लाइंस चंदनवाड़ी श्मशान घाट में शम्मी कपूर का भी अंतिम संस्कार हुआ था। ऋषि कपूर के परिवार की तरफ से जारी हुए स्टेटमेंट में भी लोगों से कानून का पालन करने का आग्रह किया गया।

कपूर परिवार की ओर से सुबह एक बयान जारी किया गया था। इसमें कहा गया, 'हमारे प्रिय ऋषि कपूर 2 साल ल्यूकेमिया से संघर्ष के बाद आज सुबह 8.45 पर हॉस्पिटल में शांति के साथ दुनिया छोड़ गए। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ ने बताया कि वह आखिरी वक्त तक उनका मनोरंजन करते रहे थे। वह दो महाद्वीपों में इलाज के दौरान हमेशा खुश और जिंदगी को पूरी तरह से जीने के लिए उत्साहित रहे। परिवार, दोस्त, खाना और फिल्में ही उनका फोकस रहता और जो भी उनसे इस दौरान मिलता वो हैरान रह जाता कि कैसे उन्होंने बीमारी को उनकी जीवंतता को नहीं छीनने दिया। वह अपने फैंस के प्यार के आभारी थे जो कि पूरी दुनिया से उन्हें मिल रहा था। उनके जाने पर वे सब समझेंगे कि वह चाहते थे कि उन्हें मुस्कुराहट के साथ याद किया जाए न कि आंसुओं के साथ। इस व्यक्तिगत क्षति के दौरान, हम यह भी समझते हैं कि दुनिया पर कठिन और मुसीबतभरा समय है। इकट्ठे होने और कहीं निकलने पर सख्ती है। हम उनके सभी फैंस और वेल-विशर्स और परिजनों के दोस्तों से दरख्वास्त करते हैं कि कानून का पालन करें।'

Updated : 30 April 2020 12:01 PM GMT
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top