Top
Home > देश > अम्बेडकर जयंती : विकास की दौड़ में दलित समाज पीछे न छूट जायें इसलिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं : रक्षामंत्री

अम्बेडकर जयंती : विकास की दौड़ में दलित समाज पीछे न छूट जायें इसलिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं : रक्षामंत्री

अम्बेडकर जयंती : विकास की दौड़ में दलित समाज पीछे न छूट जायें इसलिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं : रक्षामंत्री
X

नईदिल्ली/वेब डेस्क। डॉ भीमराव अम्बेडकर की 130 वीं जयंती कल बुधवार को मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा मुख्यालय पर बाबा साहेब की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है जो बाबासाहेब के जन्म दिन के अवसर पर देशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया है। जब हम जनसंघ के रूप में काम करते थे, तब भी बाबा साहेब की जयंती समरसता दिवस के रूप में मनाते थे।


उन्होंने कहा की बाबा साहेब अम्बेडकर जी कोई साधारण व्यक्ति के नहीं थे, बल्कि हम उन्हें एक महानायक मानते हैं। वे ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने कृत्यों से जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को साहस और दृढ़ता से दूर किया। बाबासाहेब को केवल दलितों के आइकॉन के रूप नहीं देखा जाना चाहिए। वे एक बेहद प्रतिभाशाली एवं बौद्धिक क्षमता के धनी व्यक्ति थे जिनकी बातों को बहुत ध्यान से समाज के हर वर्ग में सुना जाता रहा है।

विकास मोड में काम कर रहे -

रक्षामंत्री ने आगे कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का मंत्र दिया है।इसी मंत्र के साथ हम अपनी पूरी श्रद्धा और प्रतिबद्धता बाबा साहेब के प्रति व्यक्त करते हैं। विकास की दौड़ में दलित समाज के लोग पीछे न छूट जायें इसके लिए हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार मिशन मोड में काम कर रही है।आज देश में अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक स्कॉलशिप करीब 4 करोड़ से ज्यादा बच्चों को प्राप्त हो रही है। ये कोई छोटी बात नहीं है, जिनकी बाबा साहेब के विचारों प्रति आस्था होगी वही ये कर सकता है।

सामाजिक समरसता के स्तंभ

उन्होंने कहा की बाबा साहब को केवल एक संविधान निर्माता के रूप में ही बल्कि मेरा मानना है कि उन्हें सामाजिक समरसता के एक स्तंभ दीप के रूप में देखा जाना चाहिए। आने वाली पीढ़ियां सदैव उस स्तंभ दीप से प्रकाश और प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।मैं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व के कई स्वरूप देखता हूं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी बाबासाहेब ने भारत को एक नई दिशा देने का काम किया।

संविधान के प्रति निष्ठा -

बाबा साहेब अम्बेडकर जी ने संविधान में भारत को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में स्थापित किया है। यानि समाज के अंतिम पायदान पर भी खड़े व्यक्ति के कल्याण की चिंता 'राज्य' द्वारा की जानी चाहिए।लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और साथ-साथ संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखना, बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वोटों के लिए षड्यंत्र - राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य


इस दौरान भाजपा अनुसूचित जाति -जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा जब किसी राजनेता द्वारा दलितों का अपमान किया जाता है। उस समय खुद को दलित हितैषी बताने वाले सभी दल चाहे वह कम्युनिस्ट हो, कांग्रेस हो, या भीम सेना सभी चुप हो जाते है। ये सभी राजनीतिक पार्टियां जो टुकड़े -टुकड़े गैंग के रूप में जाने जाते है , इन्हें बाबा साहेब और संविधान से कोई मतलब नहीं है। ये सिर्फ दलित वोट के लिए क्या षड्यंत्र हो सकते है, इस पर ध्यान देते है।


Updated : 2021-04-15T19:00:12+05:30
Tags:    

स्वदेश वेब डेस्क

Swadesh Digital contributor help bring you the latest article around you


Next Story
Share it
Top