बजट के बाद शेयर बाजार में रिकवरी, सेंसेक्स 200 अंक उछला, निफ्टी में भी मजबूती

केंद्रीय बजट के एक दिन बाद सोमवार (2 फरवरी) को घरेलू शेयर बाजार में फिर से रौनक देखने को मिली। शुरुआती में सेंसेक्स करीब 200 अंकों की तेजी के साथ 81,000 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी 50 अंकों की बढ़त के साथ 24,900 के पास ट्रेड कर रहा है।
सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 9 शेयर दबाव में रहे। सेक्टोरल आधार पर देखें तो बैंकिंग और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। दूसरी ओर ऑटो, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
बजट डे पर बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
इससे पहले 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,546 अंक (करीब 2%) टूटकर 80,722 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 495 अंक गिरकर 24,825 पर आ गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट में फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाए जाने से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई थी, जिससे बाजार पर दबाव बना।
विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली
आंकड़ों के अनुसार, 1 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 588 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी 682 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
बजट में फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर बढ़ा STT
बजट में सरकार ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है—
फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सतत- फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट बेचने पर लगने वाला STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
ऑप्शंस प्रीमियम पर टैक्स- ऑप्शन खरीदने या बेचने पर दिए जाने वाले प्रीमियम पर STT 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
ऑप्शंस एक्सरसाइज पर टैक्स- एक्सपायरी पर ऑप्शन के फायदे में होने पर लगने वाला एक्सरसाइज STT 0.125% से बढ़ाकर 0.15% किया गया है।
क्या है सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT)?
STT एक डायरेक्ट टैक्स है, जो शेयर बाजार में हर खरीद-बिक्री पर लगाया जाता है। यह टैक्स मुनाफा हो या नुकसान—दोनों ही स्थितियों में देना पड़ता है। यह टैक्स सीधे ट्रांजैक्शन वैल्यू से काट लिया जाता है और स्टॉक एक्सचेंज के जरिए सरकार को जमा किया जाता है। टैक्स दरों में बढ़ोतरी से अब निवेशकों की ट्रेडिंग लागत पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी।
