भारत बनेगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन बाजार

भारत बनेगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन बाजार
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एयरबस का दावा: 2035 तक भारत में तीन गुना बढ़ेंगे हवाई जहाज

अगले एक दशक में भारतीय आसमान की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। विमान निर्माण में विश्व की दिग्गज कंपनी एयरबस ने भविष्यवाणी की है कि 2035 तक भारत में कमर्शियल विमानों की संख्या तीन गुना बढ़कर 2,250 हो जाएगी। हैदराबाद में चल रहे 'विंग्स इंडिया 2026' कार्यक्रम के दौरान एयरबस ने यह रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार भारत जल्द ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन बाजार बनने जा रहा है।

भारत की तेजी और हवाई यात्रा में बढ़ोतरी

इस ऐतिहासिक विस्तार के पीछे सबसे बड़ी वजह है भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था। एयरबस का मानना है कि जी-20 देशों में भारत की विकास दर सबसे तेज है और सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है, जिससे हवाई सफर की मांग लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगले दस वर्षों में प्रति व्यक्ति हवाई यात्रा का औसत 0.13 से बढ़कर 0.29 होने की उम्मीद है।

नौकरी और रोजगार में नई बहार

विमानों की बढ़ती संख्या देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। इतनी बड़ी संख्या में विमानों को संचालित करने के लिए भारी मात्रा में स्किल्ड वर्कफोर्स की आवश्यकता होगी। एयरबस के अनुमान के अनुसार, 2035 तक भारत को 35,000 पायलटों की जरूरत होगी, जो वर्तमान 12,000 की संख्या से लगभग तीन गुना ज्यादा है। इसी तरह, विमानों की देखरेख करने वाले टेक्निकल स्टाफ की मांग 11,000 से बढ़कर 34,000 हो जाएगी।

इसके अलावा, विमानों के रखरखाव और मरम्मत का बाजार भी तीन गुना बढ़कर 9.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह सेक्टर कमाई का एक बड़ा जरिया बनेगा। एयरबस इंडिया और दक्षिण एशिया के प्रेसिडेंट जुर्गेन वेस्टरमीयर ने बताया कि ग्लोबल एविएशन का केंद्र अब पश्चिम से पूर्व की ओर खिसक रहा है।

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