भारत सरकार की मिनी रत्न BCCL के IPO में एक दिन में 8 गुना सब्सक्राइबर, जानें कैसे करें अप्लाई

नई दिल्लीः इस खबर में हम जिस आईपीओ के बारे में बात कर रहे हैं उसका नाम भारत कोकीन कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल है। यह 9 जनवरी से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। साथ ही इस पर अप्लाई करने के लिए 13 जनवरी तक खुला रहेगा। निवेशकों के लिए सब्सक्राइब करने का 5 दिन का मौका है। इस आईपीओ से कंपनी 1071 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। कंपनी के फ्रेश इश्यू से कंपनी को कोई रकम नहीं मिलने वाली है।
बता दें कि ओएफएस की मदद से पूरी रकम कोल इंडिया (Coal India) को मिलेगी। बीसीसीएल कोल इंडिया लिमिटेड की सब्सिडरी कंपनी है। आईपीओ अप्लाई करने वालों को 14 जनवरी को अलॉटमेंट मिलेगा लेकिन 16 जनवरी को लिस्टिंग होगी।
कैसी है कंपनी
यह भारत की सबसे बड़ी कोकीन कोल प्रोडक्ट कंपनी बीसीसीएल को माना जाता है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश के कुल कोकीन कोल प्रोडक्ट में 58 फीसदी से अधिक हिस्सा बीसीसीएल का था। कारोबार तो मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि सवाल यह है की पूरी रकम कोल इंडिया को जा रही है। तो पैसा बीसीसीएल के आईपीओ में लगाया जाए।
बीसीसीएल के आईपीओ में अप्लाई करें की नहीं
एक्सपर्ट की मानें तो सब्सिडियरी कंपनी होने के अलावा एक डिफरेंट एंटिटी आ रही है। यह कंपनी वह कोकीन कोल भी उपलब्ध कराती है जिसमें एसेस भी शामिल है। जो स्टील सेक्टर को सप्लाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस कंपनी का इसमें भी अच्छा सेगमेंट हैं। कंपनी इसमें अच्छा रोल निभाती है। वहीं, कंपनी का आईपीओ लाने का मकसद बिजनेस को सिंपलीफाईड करना है।
दरअसल, जब एक क्लब बिजनेस होता है तो क्लयरिटी, अकाउंटिंग और बहुत सारी बातें जो एक निवेशक के तौर पर इतनी क्लीयर नहीं होती है। अब कोल इंडिया के रिजल्ट भारत कोकीन कोल से अलग दिखेगा। वहीं, बीसीसीएल का रिजल्ट अलग दिखेगा। इस बिजनेस की आपको अलग क्लेरिटी मिलेगी। शेयर रिजनेबल वैल्यू पर मिल रहा है। एक इनवेस्टर के नजरिए से इस शेयर को निवेशक के पोर्टफोलियो में होना चाहिए। क्योंकि शेयर एक अच्छी प्राइस में मिल रहा है। दिमाग लगाने वाली चीज हैं। पोर्टफोलियों में रखने पर रिटर्न देगा। इनवेस्टर्स के तौर पर इसमें पैसा इनवेस्ट कर सकते हैं।
क्या कहना है एक्सपर्ट का
यह जानना जरूरी है कि क्या कंपनी को पैसे की जरूरत है भी नहीं। तो बता दें कि कंपनी का कहना है कि पैसों की इतनी जरूरत नहीं है। लेकिन, उनका जो मकसद है कि उनकी ब्रैंड वैल्यू बढ़ जाए, शेयर में लिक्वीडिटी आए, साथ ही बाजार के अंदर एक मजबूत पहचान भी मिले। इस लक्ष्य के साथ कंपनी आईपीओ लेकर आ रही है। मार्केट में उतर रही है। हालांकि रिलेटर के मन में सवाल है कि कमाई कितनी हो सकती है।
इसकी कमाई को लेकर फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं है। जहां तक सवाल है इनवेस्टर्स को सब्सक्रिप्शन को देखते हुए निवेश कर सकता हैं। जहां तक जीएमपी का सवाल है तो इसके इश्यू प्राइस से 11 रुपए का प्रॉफिट दिखाते हुए 34 रुपए पर लिस्ट होने का दिखा रहा है।
क्या होता है आईपीओ
आईपीओ को इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग कहा जाता है। जब कोई कंपनी अपने शेयर की मदद से इक्विटी फंड जुटाना चाहती है। तो वह पहली बार आम जनता को अपने शेयर बेचती है। यह प्रक्रिया कंपनी को प्राइवेट से पब्लिक कंपनी में बदल देती है। आईपीओ की मदद से कंपनी में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स शेयर खरीद सकते हैं। वहीं, जुटाए पैसे से कंपनी अपने विस्तार में उपयोग करती है।
आईपीओ के लिए कैसे करें अप्लाई
आईपीओ में अप्लाई करने के लिए निवेशक के पास सबसे पहले एक डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए। इसके साथ ही उसके पास एक्टिव बैंक खाता हो जो आपके डीमेट अकाउंट से लिंक हो। साथ ही वह आसबा (ASBA) सपोर्ट करता हो। इसकी मदद से आप आईपीओ के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
सबसे पहले अपने बैंक की एप की मदद से या फिर ऑनलाइन लॉग इन करें।
इसके बाद आपके बैंक एप्लिकेशन में जाकर ASBA को खोजें।
फिर उसमें इंटर होने के बेदा आईपीओ सेक्शन को खोजें।
यहां जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं उसको क्लिक करें।
फिर उसमें शेयरों की संख्या या लॉट का नंबर डालें।
इसके बाद पूरी डिटेल अच्छी तरह पढ़ने के बाद सबमिट का बटन दबाएं
यह प्रक्रिया करने के बाद आपके खाते से एक निश्चित अमाउंट कटकर होल्ड हो जाएगा।
यदि आईपीओ अलॉट होता है तो आपकी राशि डेबिट हो जाएगी। आईपीओ नहीं मिलने की स्थिति में आपका पैसा वापस आ जाएगा।
आईपीओ को अप्लाई करने से पहले आपके पास पर्याप्त राशि खाते में होना जरूरी है।
