Uttarakhand Helicopter Crash : उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर के पास रविवार सुबह एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद सीएम धामी ने हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त SOP तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हादसे से सबक लेते हुए चार धाम में हेलीकॉप्टर सेवा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने पीटीआई को बताया कि खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने के कारण यह दुर्घटना गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर हुई। मृतकों में छह तीर्थयात्री और पायलट शामिल हैं।
हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएम धामी ने कहा कि राज्य में हेली सेवाओं के संचालन के लिए एक सख्त एसओपी तैयार की जाए, जिसमें उड़ान से पहले हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूरी जांच और मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए। सीएम धामी ने मुख्य सचिव को तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो हेली संचालन के सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा के बाद एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया, "आर्यन कंपनी का एक हेलीकॉप्टर सुबह करीब 5 बजे केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ा था लेकिन रास्ते में गौरीकुंड के पास यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह स्थान 7 किलोमीटर का ट्रैकिंग रूट है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें वहां भेजी गई हैं... स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, किसी के बचने की संभावना नहीं है। इस हेलीकॉप्टर में पायलट चौहान समेत छह लोग सवार थे। यात्रियों में एक बच्चा और एक बीकेटीसी (श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति) का कर्मचारी था।
रुद्रप्रयाग के जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया, "हमें आज सुबह सूचना मिली कि आर्यन एविएशन गुप्तकाशी द्वारा संचालित एक हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण केदारनाथ से लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमें 5 तीर्थयात्री, 1 बच्चा और 1 पायलट सवार थे। बचाव अभियान जारी है।"