Puri Rath Yatra Stampede : ओडिशा के पुरी में गुंडिचा मंदिर के बाहर रविवार सुबह भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस भगदड़ में तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। मामले पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए मांझी सरकार ने पुरी कलेक्टर और एसपी का तबादला कर दिया है और डीसीपी विष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित किया गया है। यह जानकारी भी सामने आई है कि, अब पुरी रथ यात्रा की सम्पूर्ण निगरानी आईएएस अरविंद अग्रवाल करेंगे।
ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने प्रत्येक मृतक श्रद्धालु के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। सीएम ने विकास आयुक्त की देखरेख में विस्तृत प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं और जिला कलेक्टर और एसपी के तबादले के निर्देश दिए हैं। चंचल राणा को नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है जबकि पिनाक मिश्रा ने नए एसपी का कार्यभार संभाला है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भगवान जगन्नाथ के भक्तों से क्षमा मांगी है। यह घटना सारधाबली में सुबह 4-4:20 बजे के आसपास हुई, जब कथित तौर पर धार्मिक सामग्री ले जा रहा एक वाहन भीड़ में घुस गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था या अधिकारी नहीं थे।
मृतकों में महिलाएं भी शामिल
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि, कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं लेकिन कहा कि पीड़ितों की पहचान अभी भी सत्यापित की जा रही है।
दर्शन शुरू होने पर अचानक भीड़ बढ़ गई
भगदड़ के समय पुरी के कलेक्टर रहे सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने कहा था कि, तीन मरीजों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य का पुरी अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्वैन ने संवाददाताओं से कहा, "मौके पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, दर्शन शुरू होने पर अचानक भीड़ बढ़ गई थी। घायल मरीजों की हालत स्थिर है।"