लालू यादव को IRCTC केस में झटका, ट्रायल पर रोक से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को IRCTC घोटाला मामले में फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है, लेकिन ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?
5 जनवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने लालू यादव की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। याचिका में लालू यादव ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसमें उनके, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के तहत आरोप तय किए गए थे। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार किया है।
लालू यादव की दलीलें
लालू यादव की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि निचली अदालत ने यांत्रिक रूप से आरोप तय किए हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि IRCTC से जुड़े प्रशासनिक फैसले बोर्ड द्वारा लिए गए थे, न कि रेल मंत्री के कार्यालय से।
IRCTC स्कैम क्या है?
लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे। सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने इस दौरान रेलवे के ग्रुप "D" पोस्ट पर नियुक्तियों के बदले अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर ज़मीन-जायदाद ट्रांसफर कर आर्थिक लाभ उठाया। यह मामला तब से कोर्ट में लंबित है और अब हाईकोर्ट में उसकी सुनवाई चल रही है।
