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बालिका गृह यौन शोषण मामला : अब एनजीओ नहीं करेंगे संचालन, पढें पूरा घटना क्रम

बालिका गृह यौन शोषण काण्ड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रातः कमल का निबंधन भी रद्द कर दिया |

बालिका गृह यौन शोषण मामला : अब एनजीओ नहीं करेंगे संचालन, पढें पूरा घटना क्रम
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पटना| पटना उच्च न्यायलय की निगरानी में मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण काण्ड की सीबीआइ जांच के बीच शेल्टर होम में गडबडी से सम्बन्धित टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज (टिस ) की रिपोर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बालिका गृह का संचालन एन0जी0ओ0 को नहीं सौंपने का निर्णय लिया और मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण काण्ड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रातः कमल का निबंधन भी रद्द कर दिया | पटना उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई की जांच के राज्य सरकार के आग्रह को सोमवार को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सीबीआई को दो सप्ताह का समय दिया और और इस अवधि तक अभी तक हुई जांच की रिपोर्ट पेश करने को कहा ।

इस बीच नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण काण्ड और तथा शेल्टर होम में गडबडी सम्बन्धी टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज (टिस ) की रिपोर्ट का कड़ा संज्ञान लेते हुए लोक सम्वाद में कहा कि कहा कि बालिका गृह शेल्टर होम के संचालन का काम एन0जी0ओ0 को नहीं सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव, डी0जी0पी0 तथा समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव के साथ बैठक कर ऐसी घटना क्यों घटती है इसकी पूरी समीक्षा करने का उन्होंने निर्देश दिया । यह भी देखने को कहा गया है कि आखिर तंत्र में कहाँ कमी है। उन्होंने कहा कि एन0जी0ओ0 के द्वारा बालिका गृह, शेल्टर होम जैसे संस्थानों का रख-रखाव किया जाता रहा है और मुजफ्फरपुर काण्ड के बाद एन0जी0ओ0 को यह काम नहीं सौंपने का निर्णय लिया गया है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इस घटना के विरोध में कल कैंडल मार्च निकाल रहे थे और धरने पर बैठे थे, उनके हँसते हुए चेहरे से अंदाजा लगाया जा सकता है हैं कि वे इस घटना के प्रति कितने संवेदनशील हैं। कोई भी बिहारी ऐसा नहीं होगा, जो इस घटना से शर्मिन्दा न हो। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जिन्हें जो मन में आ रहा है, बोल रहे हैं।

नीतीश कुमार ने कहा कि इनलोगों की महिलाओं के बारे में कैसी मानसिकता है, यह पूरे देश की महिलायें जानती हैं। देश में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा न बने इसलिए ये चार्जशीटेड लोग ही ऐसी अनाप-शनाप हरकत करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इस घटना से उनकी छवि के खराब होने के सवाल पर उन्होने कहा कि हर बिहारवासी इस घटना से शर्मिंदगी महसूस कर रहा है और उनकी छवि बिहार की जनता तय करेगी।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण कांड का घटनाक्रम-

29 जुलाई 2018 – मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण रेप ममाले में सीबीआइ ने आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया |

28 जुलाई को 2018: - इस कांड में 42 में से 34 बच्चियों से रेप की पुष्टि हुई 1

26 जुलाई 2018: - बिहार सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की | ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति को काली सूची में डाला गया |

25 जुलाई 2018: - तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं का मुज़फ्फ़रपुर दौरा , सीबीआई जांच की मांग | रवि रोशन की पत्नी ने समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति पर गंभीर आरोप लगाये गए |

24 जुलाई 2018: -लोकसभा में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर बिहार सरकार चाहे तो सीबीआाई जांच के लिए केंद्र तैयार |

23 जुलाई 2018:- मुजफ्फरपुर बालिका गृह के परिसर में ज़मीन की खुदाई हुई, मगर शव का कोई अवशेष नहीं मिला | इसी दिन संसद में भी यह मामला उठा |

20 जुलाई 2018 -पॉक्सो कोर्ट ने बालिका गृह में मृत बच्ची के शव की खोज के लिए ज़मीन खोदने का आदेश दिया | इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट में भी बलात्कार की पुष्टि हुई |

19 जुलाई 2018: - पटना में एक बच्ची ने बयान दिया कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में विरोध करने पर एक बच्ची की हत्या कर दी गई|

09 जुलाई 2018 : मुजफ्फरपुर बालिका गृह में बच्चियों के साथ बलात्कार मामले में पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब मांगा 1

03 जुलाई 2018: - मामले की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर|

27 जून 2018: -मुजफ्फरपुर बाल संरक्षण अधिकारी रवि रोशन को पुलिस ने गिरफ्तार किया |

25 जून 2018: - बालिका गृह की 22 बच्चियों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गये 1 बच्चियों ने कोर्ट के समक्ष बताया कि उन्हें नशे की दवा खिला कर उसके साथ गलत काम किया जाता था |

15 जून 2018: - मुजफ्फऱपुर जिले में तैनात समाज कल्याण के दो अधिकारी को निलंबित किया गया |

03 जून 2018:- बालिका गृह के संरक्षक और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत आठ लोग गिरफ़्तार |

02 जून 2018: - पुलिस ने मुख्य आरोपी और बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत एनजीओ से जुड़े करीब 8 लोगों को थाने में बुलाकर पूछताछ शुरू की और बालिका गृह को सील किया गया |

31 मई, 2018:- टिस की रिपोर्ट के मद्देनजर मुजफ्फरपुर बालिका गृह को खाली कराया गया और वहां की बच्चियों को पटना, मोकामा अन्य बालिका गृह में शिफ्ट किया गया | साथ ही पहली प्राथमिकी दर्ज की गई |

26 मई, 2018:- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग के निदेशक तक पहुंची |

फरवरी, 2018 :-टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस यानी कि टिस टीम ने बिहार के बालिका आश्रय गृह पर अपनी ऑडिट रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को सौंपी |

Updated : 2018-08-09T02:47:58+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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