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फिर हुआ पुलिस पर हमला, दो पुलिसकर्मी घायल

Update: 2020-10-15 14:03 GMT


फिर हुआ पुलिस पर हमला, दो पुलिसकर्मी घायल

गुना। लगता है कि जिले में बदमाशों के मन से पुलिस का भय निकल गया है। संभवत: यहीं कारण है कि जहां अपराधिक वारदातों में पिछले कुछ दिनों में तेजी आई है तो पुलिस पर हमले की घटनाएं भी लगातार सामने आ रहीं है। इसी क्रम में एक बार फिर पुलिस बल पर हमला किया गया है। हमला इस बार जिले के कुंभराज थानातंर्गत बड़ाआमल्या में हुआ है। बताया जाता है कि बीती रात पुलिस की एक टीम यहां अवैध शराब पकडऩे के लिए गई थी। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर हमला बोला। इस हमले में पुलिस का एक जवान हो गया तो पुलिस वाहन में भी बदमाशों ने तोडफ़ोड़ की। पुलिस टीम किसी तरह जान बचाकर मौके से भागी। । पुलिस ने इस मामले में 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसमें 11 नामजद व 16 अज्ञात आरोपी है। आरोपियों में मर्दन सिंह मीना, संतोष मीना, धनवीर मीना, मांगीलाल मीना, मिलन मीना, देवेंद्र मीना, कल्लू मीना, सुनील मीना, दिलीप मीना, पर्वत मीना, रामस्वरूप मीना आदि शामिल है।

लाठियों एवं हथियारों से किया हमला

बताया जाता है कि बड़ा आमल्या गांव में बीती रात अवैध शराब बिक्री की सूचना मुखबिर के जरिए पुलिस को मिली थी। जिस पर थाने के एएसआई अजीत कुजूर एवं एक सैनिक पुलिस वाहन में सवार होकर मौके पर पहुंचे और छापामार कार्रवाई का प्रयास किया। इस बीच बदमाशों ने उन पर लाठियों सहित अन्य हथियारों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। हमले में दोनों पुलिसकर्मियों को चोंटे पहुँची है। उन्होने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। बदमाशों ने इस दौरान पुलिस वाहन में भी तोडफ़ोड़ की है। इस मामले में पुलिस ने घायल सैनिक की रिपोर्ट पर 11 नामजद व 16 अज्ञात आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। ।

बढ़ रहीं है पुलिस पर हमले की घटनाएं

जिले में पिछले कुछ समय में पुलिस पर हमले की घटनाएं बढ़ी है। हाल ही में जिले के आरोन थानातंर्गत मूढऱाखुर्द में भी पुलिस पर हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस दो पक्षों में हुए विवाद की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान एक पक्ष ने हमला बोल दिया था। हालांकि उक्त मामले में हमलावर के आरोपों से पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रुप में सामने आई थी। इन्होने आरोप लगाया था कि पुलिस दूसरे पक्ष का समर्थन कर उनसे मारपीट कर रही थी। इसके अलाव भी अवैध शराब पकडऩे, जुआ पकडऩे या अवैध उत्खनन पकडऩे पहुँची पुलिस पर हमला हो चुका है। वैसे देखा जाए तो इसमें पुलिस की लापरवाही भी सामने आती है। ऐसे मामलों में पुलिस को पूरी तैयारी के साथ दबिश देना चाहिए, किन्तू ऐसा नहीं करके एक, दो पुलिसकर्मी छापा मारने पहुँच जाते है। इस घटना में भी ऐसा ही हुआ है। सिर्फ दो पुलिसकर्मी अवैध शराब पकडऩे पहुँचे थे। कुछ मामलों में पुलिस पर अवैध वसूली के आरोप भी लगते रहे है। जानकारों का मानना है कि इसी वजह से बदमाशों के हौंसले इतने बुलंद हुए है कि वह पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे है। 

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