अब आईडीबीआई बैंक में 743 करोड़ का घोटाला, तीन एफआईआर दर्ज

Update: 2018-03-30 00:00 GMT

नई दिल्ली। 743 करोड़ रुपए की हेराफेरी मामले में सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले स्थित आईडीबीआई ब्रांच के अधिकारियों पर तीन प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज की हैं। इन मामलों में बैंक के सेवा निवृत डीजीएम बीके साहू, आर दामोदरन व तत्कालीन डीजीएम बट्टू रामा राव को नामजद किया गया है। प्राथमिकी में कहा गया है कि मछली पालन व किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ब्रांच से दिए गए लोन में अनियमितता बरती गई। उक्त अभियुक्तों के अलावा अन्य 38 लोगों को भी इन मामलों में आरोपी बनाया गया है। 

मामले में उक्त ब्रांच से 394 करोड़, 160 करोड़ व 189 करोड़ यानी कुल 743 करोड़ रुपए के लोन 2009 व 2012 के बीच दिए गए। गोदावरी जिले के पलानगंज स्थित आईडीबीआई ब्रांच से ये सभी लोन जारी किए गए। 
मामले में आरोप है कि लोन बिना किसी मंजूरी के सारे नियम कानून को तोड़कर भुगतान कर दिए गए। इसमें दामोदरन व राव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ब्रांच के अधिकारियों से सभी लोन की सभी शर्तों को शिथिल करने को कहा। ये दोनों अधिकारी किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शर्त को तोड़ने के भी आरोपी हैं। इस योजना के तहत कर्ज की सीमा 25 लाख तक ही है। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने जमानत की राशि के लिए लागू शर्त की अवहेलना की और अपने मातहत अधिकारियों को नियम कानून को ताख पर रखते हुए लोन मंजूर करने को कहा। 

उल्लेखनीय है कि आईडीबीआई बैंक ने मंगलवार को कहा था कि आंध्र प्रदेश व तेलंगाना स्थित बैंक की ब्रांचों से 772 करोड़ का लोन गलत तरीके से जारी हो गया। इसके चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में बैंक के शेयर मूल्य में गिरावट भी देखी गई थी।

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