शासकीय धन की बर्बादी, 28 लाख की हैं साइकिलें, मामला स्कूल शिक्षा विभाग का
ग्वालियर| एक ओर जहां प्रदेश सरकार धन के अभाव का रोना रोती रहती है और करोड़ों-अरबों के कर्ज में दबी जा रही है वहीं दूसरी ओर गलत जानकारियों और नियमानुसार कार्य नहीं किए जाने के कारण सरकार के धन की जमकर बर्बादी हो रही है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है, जिसमें आवासीय विद्यालय पागनवीसी के सामने सरकारी स्कूल के बच्चों को वितरण के बाद लगभग 28 लाख 12 हजार 800 रुपए कीमत की 1172 साइकिलें रखे-रखे धूल खा रही हैं, जिनकी सुध लेने वाला शायद कोई नहीं हैं, जबकि ग्वालियर में वितरण के लिए आर्इं 1970 साइकिलों की कीमत 47 लाख 28 हजार रुपए है।
यहां उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार बच्चों को स्कूल तक लाने और उन्हें पढ़ा-लिखाकर कुछ बनाने के लिए कई प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ भोजन, गणवेश, पुस्तकें और साइकिल तक नि:शुल्क दी जाती है, जिससे बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल तक आ सकें। सरकार द्वारा हर वर्ष सरकारी स्कूल के बच्चों को साइकिलों का वितरण किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा एज्युकेशन पोर्टल पर यह गलत जानकारी फीड कर दी गई है कि ग्वालियर में 1970 स्कूली बच्चों को साइकिलों का वितरण होना है, जबकि हकीकत में ग्वालियर शहर में 798 साइकिलों की ही आवश्यकता थी। वहीं दूसरी ओर आवश्यकता के अनुसार साइकिलें बंट भी गई हैं। शेष 1172 साइकिलें पागनवीसी में पड़े-पड़े धूल खा रही हैं। तेज धूप के कारण इन साइकिलों के टायर-ट्यूब भी खराब हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार शेष साइकिलों की बाजारू कीमत 28 लाख 12 हजार 800 रुपए है।
अभी भी नई साइकिलों को तैयार किया जा रहा है
मजेदार बात यह है कि साइकिलों को तैयार करने का ठेका मुरार के हबीब खान को मिला है। हबीब खान ने बताया कि जितनी साइकिलें बंटना थीं, उतनी बंट चुकी हैं। शेष साइकिलें यहीं पर पड़ी हैं। मुझे ऊपर से आदेश है कि और साइकिलों को तैयार करो, इसलिए मैं इन साइकिलों को तैयार कर रहा हूं।
इनका कहना है
‘‘सबसे पहले हमने पुरानी साइकिलों का वितरण किया है। पूरे संभाग की जो नई साइकिलें हैं, उन्हें महारानी स्कूल में भिजवा दिया जाएगा, जहां उनका रख-रखाब सही प्रकार से हो सकेगा। नए नियम के मुताबिक जो बच्चा दो किलोमीटर दूर से स्कूल आता है, उसे भी साइकिल का वितरण किया जाएगा। इस प्रकार से सभी साइकिलों का वितरण हो जाएगा। मेरी जानकारी के अनुसार पोर्टल पर किसी प्रकार की कोई गलत जानकारी फीड नहीं की गई है।’’
डॉ. आर.एन. नीखरा, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर
‘‘हमने बची हुर्इं सभी साइकिलों की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक को पहुंचा दी है। उनके आदेश के अनुसार साइकिलों से संबंधित आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’
श्रीमती ममता कैलासिया, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, मुरार