रेलवे के ढांचे और सुरक्षा पर पैनी नजर रखेगा ड्रोन

Update: 2018-03-22 00:00 GMT

16 जोनों में लगेंगे ड्रोन कैमरे, हमेशा सुरक्षित रहेंगे यात्री
ग्वालियर| अब ड्रोन कैमरों के माध्यम से रेलवे को राहत और बचाव अभियानों की निगरानी करने में मदद मिलेगी, साथ ही महत्वपूर्ण कार्यों, पटरियों की स्थिति और निरीक्षण कार्यों पर नजर रखी जा सकेगी। इन कैमरों के जरिए नॉन इंटरलॉकिंग कार्यों के मूल्यांकन की तैयारियों, भीड़ के प्रबंधन, स्टेशनों के हवाई सर्वेक्षण और किसी गड़बड़ी को तुरंत चिन्हित करने में भी मदद मिलेगी। रेलवे के ढांचे, सुरक्षा और पटरियों की मरम्मत से जुड़ी किसी भी सूचना को रियल टाइम यानी कि वास्तविक समय प्राप्त करने में यह कैमरे बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले ड्रोन कैमरों की तैनाती पश्चिम मध्य रेलवे ने शुरू की थी, जिसमें परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है। अब रेलवे बोर्ड ने सभी 16 जोनों सहित उत्तर मध्य रेलवे में भी ड्रोन कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। जोन के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही इसे लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

लोकेशन लेने में रहेगी आसानी, तुरंत पहुंचेगी टीम
रेलवे के आला अधिकारियों की मानें तो ड्रोन कैमरे लगाने से जहां ट्रेन दुर्घनाओं में कमी आएगी वहीं कैमरों से ट्रेनों की जानकारी लेने के साथ परिचालन में भी सुधार किया जा सकेगा। वहीं अभी तक कहीं किसी कारणवश जिन ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। इससे उसमें सुधार करने की संभावना जताई जा रही है।

जहां है खतरा, वहां पर लेंगे ड्रोन की मदद
उत्तर मध्य रेलवे जोन में खतरनाक प्वॉइंट चिन्हित किए जाएंगे।  वहां पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने में मदद ली जाएगी। इसके अलावा जोन के रेल मंडलों के प्रमुखत: ऐसे स्थानों को भी चिन्हित किया जाएगा, जहां दुर्घटनाएं होती हैं। वहां पर भी इस कैमरे की मदद ली जाएगी। इस कैमरे से ऐसे स्थानों की पटरियों की मॉनीटअब ड्रोन कैमरों के माध्यम से रेलवे को राहत और बचाव अभियानों की निगरानी करने में मदद मिलेगी, साथ ही महत्वपूर्ण कार्यों, पटरियों की रिंग की जाएगी।

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