सुप्रीम कोर्ट से अरावली खनन की मिली मंजूरी, बचाने के लिए कई शहरों में विरोध

सुप्रीम कोर्ट से अरावली खनन की मिली मंजूरी, बचाने के लिए कई शहरों में विरोध
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अरावली पर्वत को बचाने के लिए कांग्रेस के कई शहरों में लोग एकजुट होकर प्रदर्शन हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर गए हैं।

जयपुरः राजस्थान में अरावली पर्वत श्रंखला में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खनन की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के खिलाफ राज्य के कई इलाकों विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। खनन के फैसले से नाराज लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की की घटनाएं सामने आई।

अरावली पर्वत खनन के विरोध में उदयपुर कांग्रेस और अलग-अलग सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान जमकर नारेबाजी देखने को मिली।

पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। जयपुर ही नहीं विरोध का असर सीकर में भी देखने को मिला। यहां 945 मीटर ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर प्रदर्शन किया।

क्या बोले नेता प्रतिपक्ष

खनन का विरोध कर रहे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का कहना था कि अरावली राजस्थान के लिए फेफड़े के समान है। उन्होंने कहा कि इस फैसले को वापस लेना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि फैसला वापस नहीं लेने पर कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।

जोधपुर में लाठी चार्ज

अरावली बचाने के लेकर जोधपुर में उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। यहां एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान बेरिकेड्स पर चढ़ गए। यह देख पुलिस ने लाठी चलाकर भीड़ को खरीदा। बता दें कि 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट को फैसला आया था। इसके अनुसार जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भू-आकृति को ही अरावली पहाड़ी माना जाएगा। इस स्टैंडर्ड के चलते 90 फीसदी से ज्यादा ऊंची पहाड़ियां प्रोटेक्शन के दायरे से बाहर हो गई। तभी से अरावली बचाने की आवजें तेज हो गई।

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