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दांंतारामगढ़ के लोग पुलिस में सिपाही से लेकर एसपी के पदों पर है

राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर विशेष

दांंतारामगढ़ के लोग पुलिस में  सिपाही से लेकर एसपी के पदों पर है
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दांंतारामगढ़। राजस्थान पुलिस भारत के राजस्थान राज्य की नागरिक सेवा है। राजस्थान पुलिस का ध्येय "अपराधियो में डर, आमजन में विश्वास" है। राजस्थान पुलिस का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 16 अप्रैल को मनाया जाता है। पुलिसकर्मियों का त्याग व बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। हर मुसीबत में पुलिस आमजन की रक्षक बनकर आई है। अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, सामाजिक समरसता, साम्प्रदायिक सद्भाव से लेकर सेवा के क्षेत्र में पुलिस की भूमिका वाकई महान है। भले ही पुलिस को कई लोग अलग-अलग नजरिए से देखते और सोचते हैं, लेकिन खाकी वर्दी का त्याग सब पर भारी है। पुलिस के पास कहीं संसाधनों की कमी है तो कहीं स्टाफ का टोटा। इसके बावजूद पुलिस अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही है। दांंतारामगढ़ क्षेत्र के लोग महिला हो या पुरुष पुलिस में प्रदेश के कोने ,कोने में सेवाएं प्रदान कर रहे है वो भी पुलिस में सिपाही से लेकर एसपी के पदों पर है ।

सिपाही के पदों पर दांता के आसपास के गांव मोतीपुरा के सोहन लाल बुरड़क , गणेश कुमार बुरड़क जयपुर , महावीर भावरिया जोधपुर, नरेश कुमार , सोहनी देवी अजमेर में व गांव बड़का चारणवास के राजकुमार खोखर बाड़मेर, राजकुमारी बाजरोलिया प्रतापगढ़ ,हवलदार जगदीश चारण जयपुर, सुमन वर्मा सीकर में व चंदेली का बास के रमेश चंद सोनलिया नावा में विनोद चंदेलिया जयपुर, सुभाष चंदेलिया आरएसी, भंवरलाल चंदेलिया बीकानेर में , मनोज कुमार निठारवाल गांव सज्जनपुरा के मारोठ में शिवपाल ऐचरा गांव सुंदारिया के चितावा में सुलियावास के मंजीत बुरड़क सीकर , संतोष वर्मा खाटूश्यामजी में अमरावती देवी राड़ की ढाणी की खाटूश्यामजी में पुखराज धायल गांव बाज्यावास के घाटवा में गांव हनुमानपुरा के सागर सेपट लोसल में, कविता सेपट जयपुर, गीता सेपट जोधपुर में अमरपुरा के एएसआई श्याम वर्मा लोसल में व गजानंद बधाला आरएसी में , दांता का सुभाष वर्मा सीकर में व, दांता से कांस्टेबल आशा कुमावत जयपुर, कुली खाचरियावास का सुरेन्द्र कुमावत जयपुर में कार्यरत है ।

एसपी सुरेन्द्र लाम्बा


रामजीपुरा के किसान ताराचंद लाम्बा के पुत्र 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी एसपी सुरेन्द्र लांबा मानसा पंजाब में पदस्थापित है । लाम्बा ने अपनी पहचान एक कर्तव्यनिष्ठ, सेवा परायण, निडर और ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में बनायी है। सुरेन्द्र लाम्बा गरीबों, किसानों, दलितों, महिलाओं व बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एवं उन्हें न्याय करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं । इन्होंने लुधियाना में रखते हुए कई हाईप्रोफ़ाइल केस में काम किया और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया है।पुलिस कार्यशैली में जवाबदेही, पारदर्शिता बढ़ाने और आम आदमी तक न्याय पहुँचाने के लिए इनको जाना जाता है । इन्होंने अपने अभी तक के सेवाकाल में विभिन्न पोस्टों पर कार्यरत रहते हुए अपनी सेवाओं को बख़ूबी निभाया है। ग्रामीण युवाओं के लिए सुरेंद्र लांबा जैसे अधिकारी जीवन में प्रेरणा का स्रोत है, जिन्होंने अपने ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद स्थानीय परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी मेहनत और लगन से आज उच्च सरकारी सेवा में अपनी सेवाएं निभाकर आमजन के विकास और कल्याण हेतु कार्य करते हुए है उन तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित कर रहे हैं।

पूर्व एएसपी राजेन्द्र सिंह


वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार स्व.बिशन सिंह खाचरियावास के पुत्र राजेंद्र सिंह शेखावत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद से 15 जनवरी 2013 में सेवानिवृत्त हुए थे उसे पहले पुलिस में सेवाएं देते हुए एक से बढकर एक मामले सुलझाए थे । छात्रा शिवानी जडेजा के मामले को कोई सुलझा ना सका उस केस को राजेंद्र सिंह ने खोलकर जनता के सामने रख दिया और फिर इस मामले में सीबीआई का बड़ा इनाम भी इनको मिला था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाई मानसिंह स्टेडियम के राज्य स्तरीय समारोह में 12 बोर की राइफल देकर सम्मान किया। देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पुरस्कार के अलावा अनेक उच्च स्तरीय पुरस्कार प्रदान कर आम जनता ने इनको दिल से सम्मान दिया। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के अलावा विभिन्न टीवी चैनलों में अनेक पेचीदा विषयों पर राजेंद्र सिंह का उद्बोधन आम जनता आए दिन सुनती है। बिना किसी लाग लपेट के अपनी बात को कहते है, इनकी बात आदमी के दिल में उतर जाती है।

सीआई हिम्मत सिंह -


दांतारामगढ़ थानाधिकारी सीआई हिम्मत सिंह जिन्होंने हाल ही में हुए दांंतारामगढ़ के करड़ व बड़ के चारणवास में तीन हत्याकांड के आरोपीयो को बहुत ही कम समय में अपनी टीम के साथ तत्परता देखाते हुए गिरफ्तार किया था । पुलिस सेवा में हिम्मत सिंह के उल्लेखनीय सेवा कार्यों के लिए "उत्तम सेवा चिन्ह" से सम्मानित होगे। साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने में एक्सपर्ट हिम्मत सिंह , राज.पुलिस में 2 जनवरी 2010 से सेवाएं प्रदान कर रहे है व मुलतः नावां तहसील के अजीतपुरा के निवासी है ।

एसआई ममता कुमारी -


दांंतारामगढ़ के गनोड़ा गांव की ममता कुमारी दिसंबर 2019 में नेपाल में सैफ गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी है । कड़ी मेहनत का संघर्ष के परिणाम स्वरूप ममता कुमारी अल्पावधि में भारतीय सीनियर महिला कबड्डी टीम में जगह बनाने में कामयाब हुई है ममता, सन् 2015 में जनरल ड्यूटी कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई थी। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र जोधपुर से बेसिक ट्रेनिंग करने के बाद टैलेंट सर्च स्कीम के तहत ममता का चयन किया गया था। ममता नेपाल काठमांडू में सैफ गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम में खेलने की वजहों से ही नवम्बर 2020 में कांस्टेबल से एसआई बनाई गई थी । ममता राजस्थान पुलिस में जयपुर में सेवाएं देते हुई आज भी कब्बड्डी में भाग लेती है । ममता दांतारामगढ़ की एक मात्र पुलिस में महिला एसआई है

हैडकां. सीताराम डोगीवाल -


देश के इतिहास में सबसे बड़ी बैंक डकैती को विफल करने वाले सीताराम डोगीवाल दांंतारामगढ़ के निकटवर्ती ग्राम पुनियाणा के पास बाबा की बावड़ी के रहने वाले है ।

5 फरवरी 2018 को जयपुर शहर की सी-स्कीम के रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक को लूटने रात 2:30 बजे इनोवा कार में 13 बदमाश आए। बैंक में उस वक्त 926 करोड़ रुपए कैश मौजूद था। यानी बदमाशों के मंसूबे कामयाब होते तो ये देश के इतिहास में सबसे बड़ी बैंक डकैती होती। मगर बदमाश सफल नहीं हो पाए, उस दौरान बैंक में तैनात कॉन्स्टेबल सीताराम ने एक राउंड फायरिंग कर बदमाशों को भागने को मजबूर कर दिया था । डीजीपी ओपी गल्होत्रा द्वारा सीताराम को सम्मानित किया गया था । अकेले 13 डकैतों को अकेले खदेड़ने पर बहादुर सिपाही सीताराम को पुलिस मुख्यालय ने कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति भी दी थी । सीताराम पुलिस में 2015 में भर्ती हुये थे । हैडकां. सीताराम अभी विशेष अपराध एवं साइबर क्राइम थाना आयुक्तालय जयपुर में तैनात है ।


Updated : 2021-10-12T16:16:20+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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