नोटबंदी और जीएसटी से शक्कर हुई 34 रुपए किलो

नोटबंदी और जीएसटी से शक्कर हुई 34 रुपए किलो
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ग्वालियर, न.सं.। देश और प्रदेश में नोटबंदी एवं जीएसटी का असर अभी तक कम नहीं हुआ है। हालत यह है कि सरकार की सख्त नीतियों के कारण व्यापारियों में घबराहट है और व्यापारी न तो किसी वस्तु का स्टॉक कर पा रहे हैं और न पैसा लगा पा रहे हैं। व्यापारी ओने-पोने दामों में अपने सामान को बेच रहे हैं। वहीं इस वर्ष शक्कर का बम्पर उत्पादन होने के कारण भी व्यापारी इसको स्टॉक नहीं कर पा रहे हैं और जैसा माल ला रहे हैं, वैसा ही बाजार में बेच रहे हैं।

इसी धारणा के चलते बाजार में 42 रुपए किलो बिकने वाली शक्कर आज 34 रुपए किलो के स्तर पर आ गई है। एक से दो माह के भीतर शक्कर 8 से 10 रुपए किलो तक सस्ती हो गई है। नोटबंदी और जीएसटी के बाद से व्यापार जगत हिल गया है और आज तक संभल नहीं पाया है। व्यापारियों के पास इतना भी पैसा नहीं है कि वे व्यापार में जमकर निवेश कर सकें। वहीं सरकार की सख्त नीतियों के कारण व्यापारियों ने आरटीजी जैसे काम भी बंद कर दिए हैं और बैंकों से लेन-देन भी सीमित कर दिया है। व्यापारी जितना माल खरीद कर ला रहा है, उसे स्टॉक नहीं करते हुए सीधे-सीधे बाजार में बेच रहा है। इस वजह से बाजार में अधिकतर वस्तुओं के दाम सामान्य बने हुए हैं।

एक माह में 60 हजार क्विंटल शक्कर की खपत

ग्वालियर शहर में प्रतिमाह 60 हजार क्विंटल शक्कर की खपत है। शहर में शक्कर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आ रही है। वहीं अकेले मार्च माह में शक्कर 100 से 200 रुपए क्विंटल तक सस्ती हो गई है।

इनका कहना है

‘‘नोटबंदी और जीएसटी के कारण व्यापारियों ने प्रमुख जींसों को स्टॉक करना बंद कर दिया है। माल जैसा आ रहा है, वैसा ही बेचा जा रहा है, इसलिए शक्कर के दामों में नरमी है। फिलहाल शक्कर के दाम बढ़ने वाले नहीं है।’’

मनीष बांदिल, सचिव, दाल बाजार व्यापार समिति

‘‘उत्पादन अधिक और मांग कम होने के कारण शक्कर के दाम कम बने हुए हैं। थोक में शक्कर 3200 और हाजिर में 3400 रुपए क्विंटल पर बिक रही है।’’

संतोष अग्रवाल, शक्कर कारोबारी

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