एम्बुलेंस चला रहे हो या टैंपो, सामान नहीं है फिर उपचार कैसे करते हो

डीएचओ ने सौंपी रिपोर्ट, कहा-बंद की जाए एम्बुलेंस
108 एम्बुलेंस में मिलीं एक्सपायरी दवाएं, नहीं थे कोई उपकरण
ग्वालियर | आप लोग एम्बुलेंस चला रहे हो या टेंपो, तुम्हारे पास न तो जरूरी उपकरण हैं और न ही आवश्यक दवाएं हैं फिर तुम मरीज को उपचार कैसे करते हो? यह सवाल जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कौरव ने चीनौर प्वॉइंट की 108 एम्बुलेंस की जांच के दौरान एम्बुलेंस के स्टाफ से किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एस. जादौन के निर्देश पर डीएचओ डॉ. मनोज कौरव ने हेड ड्राइवर विनोद तिवारी के साथ सोमवार को चीनौर प्वॉइंट की 108 एम्बुलेंस क्रमांक एमपी 02 एवी 6277 का निरीक्षण किया। इस दौरान जब उन्होंने एम्बुलेंस में उपकरणों की जांच की तो उसमें स्टेथेस्कोप और आॅक्सीजन के सिवाय कोई उपकरण नहीं मिला। एम्बुलेंस में पल्स आॅक्सीमीटर, सक्शन डिवाइस, थर्मामीटर, बीपी इस्ट्रूमेंट, ग्लूकोमीटर, कृत्रिम श्वांस देने में प्रयोग किया जाने वाला अम्बू बैग तक नहीं था। इतना ही नहीं, डीएचओ ने जब दवाओं की जांच की तो एम्बुलेंस में एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन मिला, जिसे देखकर डीएचओ ने एम्बुलेंस के स्टाफ से कहा कि तुम एम्बुलेंस चला रहे हो या टेंपो, तुम्हारे पास न तो उपकरण हैं और न ही दवाएं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उल्टी-दस्त के मरीज को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाना पड़े तो क्या करोगे? इस पर स्टाफ ने कहा कि वह कई बार 108 के प्रभारी को लिखकर दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर डीएचओ डॉ. कौरव ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा कि एम्बुलेंस में न तो दवाएं हैं और न ही जीवन रक्षक यंत्र। इसलिए इस एम्बुलेंस को बंद कर देना चाहिए। डीएचओ ने अपनी रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंप दी है।
इनका कहना है
‘‘चीनौर प्वॉइंट की एम्बुलेंस को बंद करने के आदेश जिगित्सा कंपनी के अधिकारी को दे दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि एम्बुलेंस में उपकरण ठीक कराकर दुबारा डीएचओ से चैक कराएं। इसके बाद ही एम्बुलेंस शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।’’
डॉ. एस.एस. जादौन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
