कूटरचित दस्तावेज से बनाई जा रही बहुमंजिला इमारत

सर्वे नंबर गलत बताकर टीएनसीपी से लिया अभिमत
ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि| झांसी रोड क्षेत्र के ग्रेस होटल के सामने एक बहुमंजिला इमारत का कूटरचित दस्तावेजों के जरिए निर्माण किया जा रहा है। यह निर्माण आवासीय लैण्ड यूज पर कामर्शियल की अनुमति लेकर किया जा रहा है। इतना ही नहीं टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग से गलत सर्वें नंबर बताकर अपने पक्ष में अभिमत ले लिया गया। इस मामले की शिकायत जिलाधीश से किए जाने के बाद उन्होंने निगमायुक्त से तत्काल काम रुकवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पड़ाव थाना पुलिस भी इसमें कहां चार सौ बीसी की गई, इसकी जांच कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महलगांव के सर्वें क्रमांक 465-467 रकवा 446 वर्ग मीटर पर अर्चना गुप्ता पर पत्नी अजय गुप्ता निवासी 46 मानिस विलास कॉलोनी द्वारा नगर निगम एवं टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग से भवन निर्माण की अनुज्ञा ली गई है। इनके द्वारा टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग से पत्र क्रमांक जीआरएलयू 6438 में सात अप्रैल 2016 को अभिमत ग्राम महलगांव के सर्वें क्रमांक 1248 उपपद-3 रकबा 0.10 हैक्टेयर है एवं सर्वे क्रमांक 1251 मि-1 रकबा 0.31 है, पर अभिमत निकालकर गलत ढंग से अनुमति ले ली गई। यह कूटरचित दस्तावेज पेश कर अभिमत लेने की क्षेणी में आता है। इतना ही नहीं टीएनसीपी निवेश अधिनियम की धारा 30 एवं मप्र भूमि विकास नियम 2012 के नियम-2 (5)(क) एवं 27(1) में शक्तियों का प्रयोग करते हुए ग्वालियर विकास योजना 2021 में अनमोदित वाणिज्य कार्यालय की अनुज्ञा जारी की गई है। जो कि नियमों का सरेआम उल्लंघन है।
कॉलोनीवासी कर चुके हैं शिकायत
पूर्व में कॉलोनीवासी अशोक अग्रवाल, सेवा सिंह सिंघाड़िया, शिव कुमार मिश्रा, सारदा मिश्रा, डॉ. दिनेश कुमार ओमरे ने निगमायुक्त सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत की थी कि गुप्ता द्वारा इस निर्माण के लिए तलघर निर्माण 20 फुट गड्ढे खुदवाएं गए हैं। जिससे आसपास के पुराने मकान दरक गए है। उधर इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता राकेश कुशवाह ने इस निर्माण से संबंधी तमाम दस्तावेज टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग एवं नगर निगम से निकलवाएं तो उसमें कई तथ्य सामने आए हैं। इनके आधार पर उन्होंने कलेक्टर एवं पड़ाव थाना प्रभारी को आवेदन देकर अजय गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी की कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि रोड से डेढ़ मीटर एमओएस छोड़कर निर्माण करना था जो नहीं करते हुए ऊपर एक से डेढ़ मीटर तक गौंख निकाल ली गई है। इसके साथ ही आवासीय यूज पर कमर्शियल निर्माण होने पर डायवर्सन नहीं कराया गया है। उनकी शिकायत पर कलेक्टर ने निर्माण रुकवाने के साथ निगमायुक्त को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। लेकिन यह गलत निर्माण होटल बनाने के उद्देश्य से जारी है।
नका कहना है
अर्चना गुप्ता द्वारा नियमों के खिलाफ किए जा रहे निर्माण एवं डायवर्सन मामले में आरआई और पटवारी से जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आर के पाण्डे, एसडीएम
ग्रेस होटल के सामने अर्चना गुप्ता का निर्माण रुकवा दिया है जहां तक गलत निर्माण की शिकायत है तो उसकी मौके पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
महेन्द्र अग्रवाल भवन अधिकारी
ग्वालियर पूर्व
