Latest News
Home > Archived > भीमा-कोरेगांव की हिंसा पर संसद में विपक्ष का हंगामा

भीमा-कोरेगांव की हिंसा पर संसद में विपक्ष का हंगामा

भीमा-कोरेगांव की हिंसा पर संसद में विपक्ष का हंगामा
X

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में आज महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। राज्यसभा की बैठक शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दूसरी तरफ लोकसभा में कांग्रेस ने महाराष्ट्र के पुणे समेत दूसरे इलाकों में हुई हिंसा की घटना के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को दोषी बताते हुए प्रधानमंत्री पर मौन रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मामले की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराए जाने के साथ ही प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं, सत्तापक्ष ने कांग्रेस पर इस मामले को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। इस बीच सदन में कांग्रेस, वाम दल , राष्ट्रीय जनता दल (राजद) व समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी कर रहे थे।

लोकसभा में बुधवार को शून्यकाल की कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि कोरेगांव में लंबे समय से दलित समाज के लोग 1818 में ब्रिटिश और पेशवा के बीच हुए युद्ध में महार बटालियन के सदस्यों को श्रद्धांजलि देते रहे हैं। किंतु, इस बार साजिश के तहत महार और मराठा समाज में फूट डालने के लिए हिंसा भड़काई गई है। खड़गे ने इस घटना के पीछे आरएसएस का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने खड़गे और कांग्रेस पर कोरेगांव की घटना को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि खड़गे महाराष्ट्र की घटना को शांत करने की बजाय भड़काकर राजनीति करना चाहते हैं। इस दौरान कांग्रेस सदस्य लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार स्थिति का आंकलन करने में नाकाम रही। यही कारण है कि हिंसा पूरे राज्य में फैल गई है और महाराष्ट्र बंद है। उन्होंने सदन से घटना का जांच कराएं जाने की मांग की। भाजपा के शिवाजी राव पाटिल ने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीति करने के लिए हिंसा भड़काई है, वे मराठा-दलित के बीच विवाद कराना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में महाराष्ट्र सरकार को सलाह दे क्योंकि स्थिति नियंत्रित कर पाने में राज्य पुलिस नाकाम रही। भाजपा के ही राव साहब दानवे पाटिल ने कहा कि कुछ लोगों ने इस मामले में राजनीति की है। पिछले तीन साल से महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार है और कोई दंगा नही हुआ। भाजपा के विकास के एजेंडे को रोकने के लिए दंगे की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच सदन में नारेबाजी और शोरगुल के कारण अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की बैठक पौने एक बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा सदन की बैठक शुरु होने के बाद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस, सपा,राजद और वाम दल प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए नारेबाजी करते हुए कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से वॉकआउट कर गए। उधर, उच्च सदन में भी इसी मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जिस कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

Updated : 2018-01-03T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top