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फिर कभी मत आना, नहीं तो गोली मार देंगे

फिर कभी मत आना, नहीं तो गोली मार देंगे
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-खनन माफिया ने सीने पर बंदूक अड़ाकर वन चौकी प्रभारी को धमकाया
-सोनचिरैया अभयारण्य के बाद अब बीलपुरा वन क्षेत्र में भी सक्रिय हुए माफिया

ग्वालियर।
सोनचिरैया अभयारण्य घाटीगांव के बाद खनन माफिया की नजर अब ग्वालियर वन परिक्षेत्र की बीलपुरा वन चौकी के अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों पर भी टिक गई है। यहां के वन क्षेत्रों में पिछले करीब पांच सालों से बंद खदानों को खनन माफिया फिर से चालू करने की फिराक में हैं। बीलपुरा वन चौकी प्रभारी ने खनन माफिया को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने बंदूक दिखाकर उन्हें डराने का प्रयास किया। इसकी शिकायत तिघरा थाने में दर्ज कराई गई है।

वन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार बीलपुरा वन चौकी के अंतर्गत महेश्वरा दक्षिण, महेश्वरा उत्तर, तालपुरा, भीमलाट आदि वन क्षेत्रों में अच्छी गुणवत्ता का फर्शी पत्थर मौजूद है, जहां पूर्व में खनन माफिया चोरी छिपे फर्शी पत्थर का उत्खनन करते थे, जिनके गड्ढे यहां आज भी मौजूद हैं, लेकिन वन विभाग की सख्ती के चलते इन वन क्षेत्रों में पिछले करीब पांच साल से अवैध खनन पूरी तरह बंद है। इधर वन विभाग ने सोनचिरैया अभयारण्य क्षेत्र में भी गश्त बढ़ा दी है। इसके चलते खनन माफिया अब बीलपुरा के वन क्षेत्रों में अवैध खनन की तैयारियों में जुट गया है।

इसके लिए खनन माफिया के लोगों ने यहां अवैध खदानों के पुराने गड्ढों की साफ-सफाई शुरू कर दी है। इसकी सूचना मिलने पर विगत चार सितम्बर को बीलपुरा वन चौकी प्रभारी हरिवल्लभ चतुर्वेदी अपने अधीनस्थ वन कर्मचारियों के साथ मुरैना जिले की सीमा से लगे भीमलाट वन क्षेत्र का भ्रमण करने पहुंचे। इसके बाद शाम करीब सात बजे जब वह वापस लौट रहे थे तभी 315 बोर की बंदूकों से लैस खनन माफिया के पांच लोगों ने रास्ते में रोककर श्री चतुर्वेदी के सीने पर बंदूक अड़ा दी और धमकाते हुए कहा कि आज निकल जाओ, लेकिन फिर इधर कभी मत अना, नहीं तो गोली मार देंगे। इसके बाद श्री चतुर्वेदी सीधे तिघरा थाने पर पहुंचे और उक्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेन्द्र अहिरवार एवं उप वन मंडल अधिकारी जी.के. चंद को लिखित में प्रतिवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस ने आज तक न तो उन्हें प्राथमिकी की प्रति दी है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है।

मुरैना के हैं खनन माफिया

सूत्रों के अनुसार ग्वालियर जिले के वन क्षेत्रों में स्थानीय खनन कारोबारियों के अलावा मुरैना जिले के खनन माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। बताया गया है कि मुरैना जिले के खनन माफिया अभी तक सोनचिरैया अभयारण्य में ही खनन कर रहे थे, लेकिन अब वह ग्वालियर वन परिक्षेत्र की बीलपुरा वन चौकी के अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों में भी सक्रिय हो गए हैं क्योंकि यह क्षेत्र मुरैना जिले की सीमा से लगा हुआ है, इसलिए अवैध खनन की दृष्टि से वे इस क्षेत्र को अपने लिए सुरक्षित मान रहे हैं।

मोटरसाइकिल छोड़ भागे माफिया

बीलपुरा वन चौकी क्षेत्र में खनन माफिया का दखल बढ़ जाने से वन विभाग भी सक्रिय हो गया है और जंगलों में गश्ती बढ़ा दी गई है। इसी के चलते गुरुवार को सुबह वन कर्मियों के साथ बीलपुरा वन चौकी प्रभारी श्री चतुर्वेदी दक्षिण महेश्वरा वन क्षेत्र में गश्त पर निकले। इस दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे एक स्थान पर चार लोग फर्शी पत्थर का अवैध खनन करते दिखाई दिए, जो वन कर्मचारियों को देखते ही मौके से भाग गए। मौके पर एक मोटर साइकिल क्रमांक एम.पी. 07 के.एस. 1276 रखी मिली, जिसे वन कर्मियों ने जब्ती में ले लिया। इस मामले में अज्ञात चार लोगों के खिलाफ वन अपराध भी दर्ज किया गया है।

Updated : 2017-09-08T05:30:00+05:30
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