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अफसरशाही के शिखर पर पहुंचे मथुरा में तैनात रहे दो डीएम

अफसरशाही के शिखर पर पहुंचे मथुरा में तैनात रहे दो डीएम

- इनके कार्यकाल की स्वर्णिम यादें आज भी जनता के दिलों में मौजूद
- प्रशासनिक कुशलता के साथ स्वभाव की सरलता, ईमानदारी बनी पहचान

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली में तैनात रहे डीएम हरेकृष्ण पालीवाल और राजीव कुमार (प्रथम) आज अफसरशाही के शिखर को स्पर्श कर रहे हैं। उनकी इस सफलता पर मथुरा की जनता भी गदगद है। मथुरा में तैनाती के दौरान इन दोनों ही अधिकारियों की प्रशासनिक कुशलता, सरलता और ईमानदारी की अमिट छाप आज भी लोगों के दिलों में है।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके हरेकृष्ण पालीवाल वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। श्री पालीवाल गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बेहद ख्रास अफसरों में शुमार है। देश की कानून व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में उनका अहम योगदान रहता है।
वहीं केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे वरिष्ठ आईएएस राजीव कुमार (प्रथम) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्य सचिव बनाया गया है। इस पद के लिये राजीव कुमार का नाम सरकार बनने के साथ ही सामने आ गया था। लेकिन डेपूटेशन से सूबे में आने की प्रक्रिया के चलते इतना बिलंव हुआ। राजीव कुमार 1990 में मथुरा के डीएम रहे। उनकी प्रशासनिक कुशलता, सरल स्वभाव, ईमानदारी व सौम्यता को मथुरा के लोग आज भी याद करते हैं।
इन दोनों ही अफसरों की सच्ची दोस्ती भी अफसरशाही के गलियारों में खूब चर्चित है। प्रबल संयोग देखिये दोनों ही अधिकारी एक ही बैच 1981 के है। प्रशासनिक सेवा में एक ही दिन मात्र एक घंटे के अंतराल में ज्वाइनिंग की। इसके साथ ही उक्त दोनों अधिकारी एक ही मंडल के हैं जिसमें हरेकृष्ण पालीवाल का गृह जनपद मेरठ और राजीव कुमार का गृह जनपद बुलंदशहर है।

Updated : 2017-07-01T05:30:00+05:30
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