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भृत्य मुकेश पर गिरी गाज दबाव में स्वीकारी गलती

भृत्य मुकेश पर गिरी गाज दबाव में स्वीकारी गलती
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- मामला एक माह में दो बार वेतन जारी करने का, विभागीय जांच हुई पूरी

- मुकेश राठौर को बड़ी राशि देने और कार्रवाई के बाद बहाल करने का भी भरोसा दिया है

अरूण शर्मा/ग्वालियर, न.सं.। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो बार वेतन जारी करने वाले मामले में अपने आप को दण्डात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए शासकीय माध्यमिक विद्यालय जनकगंज में भृत्य के पद पर कार्य करने वाले एवं कम्प्यूटर का कार्य भी देखने वाले मुकेश राठौर को बली का बकरा बना ही दिया। बताते हैं कि उससे जबरदस्ती यह लिखवा लिया है वह अध्यापकों को दो बार वेतन जारी करने वाले मामले को अपने सिर पर ले और खुद गलती को स्वीकार कर ले। वहीं शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन अधिकारियों ने इस मामले के एवज में मुकेश राठौर को बड़ी राशि देने और कार्रवाई के बाद बहाल करने का भी भरोसा दिया है। वहीं गोरखी हायर सेकण्ड्री स्कूल के संकुल प्राचार्य एस.एन. नीखरा का तो यहां तक कहना है कि मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है। मेरा मंत्री स्तर तक कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता है। शिक्षा विभाग में, मैं जो चाहूंगा वही होगा। इस मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच रिपोर्ट लेकर भोपाल कूच कर गए हैं। यह रिपोर्ट स्कूली शिक्षा सचिव (भोपाल) दीप्ती गौड़ मुखर्जी को दी जाएगी। इसके उपरांत ही जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूली शिक्षा सचिव द्वारा इस मामले से संबंधित लोगों पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। संभवत: इस मामले में बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है, लेकिन अधिकारी अपने आप को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि इस मामले में मोटे स्तर पर पैसों का लेन-देन भी हो सकता है।

यह था मामला

गोरखी हायर सेकेण्ड्री स्कूल के संकुल प्राचार्य एस.एन. नीखरा ने लगभग दो दर्जन अध्यापकों को एक ही माह (अप्रैल) का दो बार का वेतन निकाल दिया था। यह वेतन इन अध्यापकों के खाते में भी पहुंच गया और इन्होंने इस वेतन का आहरण भी कर लिया। इस मामले पर स्कूली शिक्षा सचिव ने नाराजगी जाहिर करते हुए 24 घण्टे के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जिला शिक्षा अधिकारी विकास जोशी द्वारा जांच रिपोर्ट को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। शनिवार तक यह जांच रिपोर्ट भोपाल में पहुंचा दी जाएगी। इसके बाद ही कार्रवाई पूरी होगी।

अधिकारी बचा रहे हैं अपने आप को

शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने आप को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इन अधिकारियों ने अपने आप को बचाने के लिए मुकेश राठौर को तैयार करके उससे लिखवा लिया है कि यह गलती उससे हुई है, जिससे वरिष्ठ अधिकारी बच सकें। इन अधिकारियों ने मुकेश राठौर को यहां तक विश्वास दिलाया है कि अगर तेरे पर कोई कार्रवाई होती है तो यह मात्र दिखावटी होगी। कुछ दिन के बाद हम सब सामान्य कर लेंगे। इसके एवज में हम तेरी हर संभव मदद भी करेंगे।

गलती नहीं घोटाला है यह

शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अुनसार यह कोई मानवीय गलती नहीं बहुत बड़ा घोटाला है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि इस प्रकार के घोटाले और कई संकुलों में भी चल रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि गोरखी हायर सेकेण्ड्री स्कूल के संकुल प्राचार्य एस.एन. नीखरा ने अपने चहेते अध्यापकों को विशेष लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गोरखी भृत्य प्रजापति को तैयार किया। भृत्य से कहा गया कि वह बिलों की मूल प्रति और ओसी को लेकर मुकेश राठौर के पास जाए और इनको फाइलों के बंडल में अलग-अलग रख दे। सूत्रों के अनुसार भृत्य ने ठीक इसी प्रकार किया। उसने मूल प्रति और ओसी को अलग-अलग रख दिया। मुकेश राठौर की गलती इतनी रही कि उसने यह नहीं देखा कि वह मूल प्रति और ओसी दोनों को ही जनरेट कर रहा है। सूत्रों के अनुसार इस गलती के कारण अध्यापकों के खाते में एक बार के स्थान पर दो बार वेतन पहुंच गया। सूत्रों का तो यह भी कहना है कि अगर यह मामला उजागर नहीं होता तो लगभग 7.5 लाख के इस रुपए को आपस में बांट लिया जाता और शिक्षा विभाग को भनक तक नहीं लगती। सूत्रों ने कहा कि मामला उजागर होने पर इस बंदरबाट पर रोक लगी है, लेकिन इस प्रकार के मामले और संकुलों में चलने का भी अंदेशा है।

इनका कहना है

‘हमारी जांच पूरी हो गई है। इसके उपरांत ही दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।’

विकास जोशी
जिला शिक्षा अधिकारी


‘मेरी तरफ से कहीं कोई गलती नहीं है। गलती जिसने की है दण्ड उसको ही मिलेगा।’


एस.एन. नीखरा
संकुल प्राचार्य
गोरखी, हायर सेकेण्ड्री स्कूल

Updated : 2017-05-27T05:30:00+05:30
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