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पिछली सरकार कर रही थी छल, अब गंगा तेजी से होंगी निर्मल - उमा भारती

पिछली सरकार कर रही थी छल, अब गंगा तेजी से होंगी निर्मल - उमा भारती
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- प्रदेश के विकास के लिए योगी का आना युग परिवर्तन जैसा
- मुख्यमंत्री योगी नमामि गंगे और बुंदेलखंड सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में सिंचाई व्यवस्था के लिए प्राथमिकता व प्रस्तुतिकरण देंगे

लखनऊ 08 अप्रैल 2017। केंद्रीय जल संसाधन व नदी विकास मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि पिछली सरकारों ने गंगा के नाम पर छल किया था। केंद्र सरकार के अथक प्रयासों के बावजूद पिछली अखिलेश सरकार ने एनओसी नहीं देकर नमामि गंगे व गंगा के निर्मलीकरण के अभियान में बाधा पैदा की थी। अब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने हैं। योगी जी सांसद रहते हुए माँ गंगा के निर्मलीकरण को लेकर संसद में मुखर रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में मां गंगा का निर्मलता की ओर बढ़ना सुनिश्चित है।

अति विशिष्ट अतिथि गृह में प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी से उन्हांेने मुलाकात कर गंगा स्वच्छता और प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को लेकर वार्ता की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से कहा कि नमामि गंगे, गंगा स्वच्छता और सिंचाई परियोजनाओं के बारे में प्राथमिकता व प्रस्तुतिकरण तैयार कराकर शीघ्र दें, ताकि केंद्र सरकार राज्य में अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए राशि जारी कर सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गंगा व उसकी सहायक नदियों रामगंगा, काली व यमुना नदी की स्वच्छता और पुनरुद्धार को लेकर विशेष चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय व राज्य के सिंचाई विभाग के आला अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने वार्ता के दौरान ही अधिकारियों को एक हफ्ते में प्रस्तुतिकरण तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि प्राथमिकताएं तैयार कर केंद्र सरकार को दी जा सके। सुश्री भारती ने कहा कि मई के अंत तक केंद्र सरकार गंगा के घाटों के निर्माण व स्वच्छता अभियान और तेज करने के लिए 7000 करोड़ रुपए जारी कर देगी। इसमें से 1600 करोड़ रुपए गांवों से गुजरने वाली गंगा और शहरों से गुजरने वाली गंगा के तटों, घाटों और निर्मलीकरण के लिए खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि एसटीपी अर्थात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) आदि तैयार करने में समय लगता है, लेकिन 2018 तक गंगा को निर्मल बनाने का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार को सलाह दी कि मध्य प्रदेश में जिस तरह सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त कर प्रदेश को कृषि उत्पादन में नंबर वन बना दिया, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी किया जा सकता है। इसी तरह राजस्थान की वसुुंधरा राजे सरकार द्वारा राज्य के पुरानी बावड़ियों, कुओं व जलस्रोतों का पुनरुद्धार करने, महाराष्ट्र सरकार द्वारा मजबूत की गई स्प्रिंकल सिंचाई प्रणाली और तेलंगाना सरकार की छोटे जल संग्रहण निकायों को आपस में जोड़कर पेयजल व सिंचाई व्यवस्था अच्छी बनाने के प्रयोग की संभावना उत्तर प्रदेश में भी तलाशने की सलाह दी। बुंदेलखंड में पेयजल व सिंचाई की किल्लत पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पेयजल के लिए थैली खोल दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के किसी हिस्से में पेयजल की कमी नहीं होने दी जाएगी।

गोमती रिवर फ्रंट में वित्तीय अनियमितता के सवाल पर सुश्री भारती ने कहा कि इस मुद्दे को वे पहले भी उठाती रही हैं। इस परियोजना में तमाम अनियमितताओं की शिकायतें हैं। गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में नदी के जल की सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। कमियां निकालने के बजाय काम को आगे बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कुछ गड़बड़ है तो उसको उजागर किया जाना चाहिए। जब तक कमियां पहचानी नहीं जाएंगी, परियोजना को बेहतर नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना को उनकी सरकार आगे बढ़ायेगी। पर इसमें जो भी वित्तीय अनियमितता हुई है, उसकी जांच होनी चाहिए। राममंदिर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण किसी एक राज्य का मामला है। यह पूरे देश की आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण उनका सपना है। राममंदिर के लिए उन्हें जेल जाना पड़े या फांसी चढ़ना भी स्वीकार है। उन्होंने कहा कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में है और उच्चतम न्यायालय ने भी माना है कि इसकी प्रकृति ऐसी है कि इसका समाधान न्यायालय से बाहर निकलना चाहिए। सभी पक्षों को सुनकर राममंदिर निर्माण के लिए समाधान निकालना चाहिए।

Updated : 2017-04-08T05:30:00+05:30
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