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भ्रष्टाचार की जानकारी मांगने पर सनके निगमायुक्त

भ्रष्टाचार की जानकारी मांगने पर सनके निगमायुक्त
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-पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय के द्वार पर फेंका कचरा
-वरिष्ठ अधिकारियों सहित थाने में दिया शिकायती आवेदन
ग्वालियर|
नगर निगम आयुक्त के सनकीपन की उस समय हद हो गई, जब नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार की जानकारी मांगने पर पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय के द्वार पर कचरा फेंक दिया गया। नगर निगम का डम्पर चालक कचरा कार्यालय के द्वार पर फेंक गया है। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने भोपाल से लेकर संबंधित थाने में की है। पुलिस अब ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के कथन लेकर जांच कर रही है।

नगर निगम के भ्रष्टाचार संबंधी मामले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में लम्बित हैं। इन मामलों की जांच के लिए निगमायुक्त को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी गई थी। बताया गया है कि भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी मांगने से निगमायुक्त अनय द्विवेदी सनक गए और दोनों विभागों में चली आ रही नोटिस की खींचतान का असर पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के मुख्य द्वार पर देखने को मिला। नगर निगम के कर्मचारी कचरे से लदा डम्पर लेकर पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण व्यूरों के मुख्य द्वार पर पहुंचे और कचरा पटक दिया। कचरा डालने से कार्यालय के अंदर जाने का रास्ता बंद हो गया है। ड्यूटी पर तैनात सैनिक मातादीन रजक, सुनील व देवीसिंह जब तक भागकर आते, तब तक डम्पर चालक कचरा फेंककर भाग चुका था। कार्यालय के मुख्य द्वार पर कचरा फेंकने का जैसे ही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया को पता चला तो वह मौके पर पहुंच गए और नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। सूत्र बताते हैं कि कचरा इतना गंदा था कि वहां बहुत दुर्गन्ध फैली हुई थी। इस कारण वहां पर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक श्री भदौरिया ने निगमायुक्त की इस हरकत की लिखित शिकायत भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों से की है। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष खरे और थाटीपुर थाने में भी शिकायत की है। इस संबंध में थाटीपुर थाना प्रभारी यशवंत गोयल का कहना है कि शिकायती आवेदन लेकर मामले की जांच-पड़ताल कर कथन लिए जा रहे हैं।

यह है मामला
वर्ष 2012 में तत्कालीन नगर निगम आयुक्त वेदप्रकाश, तत्कालीन अपर आयुक्त शिवराज वर्मा, तत्कालीन उपायुक्त गुलाबराव काले के विरुद्ध नगर निगम में भारी भ्रष्टाचार करने के आरोप हैं। शिकायत की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के उप पुलिस अधीक्षक बी.एस. परिहार द्वारा की जा रही है। कई बार पत्राचार करने के बाद भी नगर निगम द्वारा इन मामलों से संबंधित जानकारी नहीं दी जा रही थी। इस पर पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा हाल ही में एक बार फिर निगमायुक्त को नोटिस भेजा गया था।

चिड़ गए हैं निगमायुक्त
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि नोटिस मिलने पर निगमायुक्त चिड़ गए और कहने लगे कि मुझे नोटिस देने वाले तुम कौन होते हो। उनको नियमों के बारे में बताया गया तो वह बोले कि अब मैं अपनी शक्ति का प्रयोग करूंगा। श्री भदौरिया का कहना है कि कचरा फेंकना काफी छोटी मानसिकता दर्शाता है।

इन्होंने कहा
‘‘कार्यालय के द्वार पर कचरा फेंकने की शिकायत मैंने भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों से करने के अलावा पुलिस अधीक्षक ग्वालियर और थाटीपुर थाने को भी आवेदन दे दिया है। ये हरकत ओछी मानसिकता को दर्शाती है।’’

रघुवंश सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो

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Updated : 2017-02-24T05:30:00+05:30
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