Top
Home > Archived > अब अध्यापकों का भी एक निकाय से दूसरे निकाय में होगा आॅनलाइन संविलियन

अब अध्यापकों का भी एक निकाय से दूसरे निकाय में होगा आॅनलाइन संविलियन

भोपाल| प्रदेश में अभी तक महिला अध्यापकों का संविलियन एक निकाय से दूसरे निकाय में होता रहा है। अब पुरूष अध्यापक भी एक निकाय से दूसरे निकाय में आॅनलाइन संविलियन करा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में विधानसभा समिति कक्ष में सम्पन्न हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद जनसंपर्क, जल संसाधन तथा संसदीय कार्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता डॉ. नरोत्तम मिश्र ने जानकारी देते बताया कि आज मंत्रि परिषद् बैठक में 18 फरवरी को हुए राज्य व्यापी मिल बांचे अभियान की चर्चा हुई। इसकी सफलता को देखते यह विचार भी किया गया कि विद्यार्थियों की शिक्षा में रूचि रुझान बढ़ाने के लिए अभियान की गति तीव्र की जाये। सभी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि, मीडिया सहित समाज का हर वर्ग इसमें सहयोग करे। जिन विद्यालयो में शिक्षा ली है उसकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में इस अभिनव अभियान के अंतर्गत सभी अपना पूरा सहयोग प्रदान करे। मंत्रि-परिषद ने उद्योग विभाग के अंतर्गत अनुमोदित एकमुश्त समझौता नीति पर विचार किया।

नीति 31 मार्च 2017 तक लागू रखने का निर्णय लिया। डिफाल्टर कंपनी एकमुश्त नीति के अंतर्गत समझौता प्रस्ताव एमपी एसआईडीसी को 31 मार्च 2017 तक प्रस्तुत कर सकती है। प्रस्ताव मंजूर होने पर राज्य शासन ऐसी कंपनियों के विरूद्ध इन प्रकरणों में अन्य कोई कार्यवाही नहीं करेगा। मध्यप्रदेश राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के सेवायुक्तों के लिए जारी संविलियन योजना 10 अगस्त 2017 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। पूर्व में यह समयावधि 11 फरवरी 2017 तक लागू थी। इसमें 6 माह की वृद्धि की गई।

राज्य में पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से संव्यवहारों को प्रोत्साहन देने के प्रयोजन से बैंको और व्यापारियों के मध्य निष्पादित होने वाले अनुबंधों पर स्टाम्प शुल्क से छूट प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जी अध्यक्षता में गत नवंबर माह में नगद रहित व्यवहारों के लिए राज्य व्यापी मिशन संचालित करने के संबंध में हुई बैठक में ऐसा सुझाव प्राप्त हुआ था। वर्तमान में भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 की अनुसूचित 1(क) के अनुच्छेद-6 के अंतर्गत ऐसे अनुबंधों पर 500ध्- रुपये स्टाम्प शुल्क प्रभार्य होता है। मुख्यमंत्री श्री चैहान में 4 दिसंबर 2016 को इस छूट प्रदाय संबंध में घोषणा भी की थी। मंत्रि-परिषद ने राज्यध्जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के सेवायुक्तों के सहकारी बैंकोंध्सहकारी सोसायटियों में संविलियन के लिए सहकारिता विभाग द्वारा 21 अक्टूबर 2015 से लागू की गयी संविलियन की योजना की समयावधि में वृद्धि का निर्णय किया।आज की बैठक में नोट बंदी की फैसलेके बाद 9 नवम्बर 16 से2 दिसम्बर 16 तक की अवधि में सुविधा के लिए टोल टैक्स से छूट के फैसले की पुष्टि भी मंत्रिपरिषद द्वारा की गई।

Updated : 2017-02-23T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top