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अब डिवाइस से होगी विद्युत मीटरों की रीडिंग

अब डिवाइस से होगी विद्युत मीटरों की रीडिंग

-बिजली कम्पनी ने किया स्पॉट बिलिंग में बदलाव
ग्वालियर। स्पॉट बिलिंग में उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही अधिक बिल जारी किए जाने की शिकायत के मद्देनजर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने अब इस सिस्टम में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं के विद्युत मीटरों की रीडिंग अब विशेष प्रकार की डिवाइस के माध्यम से ली जाएगी।

बता दें कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने ग्वालियर शहर वृत्त में विगत अगस्त माह से स्पॉट बिलिंग शुरू की थी। इसके तहत उपभोक्ताओं को मौके पर ही बिल जारी किए जा रहे हैं। इस काम का ठेका फीडबैक इन्फ्रा कम्पनी को दिया गया है, लेकिन स्पॉट बिलिंग प्रारंभ होने के बाद से ही उपभोक्ताओं की ओर से अधिक रीडिंग व राशि के बिल जारी किए जाने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। बताया गया है कि अभी फीडबैक इन्फ्रा कम्पनी के मीटर रीडर उपभोक्ता के यहां पहुंचकर मोबाइल से विद्युत मीटर का फोटो कुछ इस प्रकार से खींचते हैं, जिसमें रीडिंग साफ नजर आती है। इसके बाद मीटर रीडर स्पॉट बिलिंग मशीन में हाथ से रीडिंग भरकर मौके पर ही बिल जारी करते हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि मीटर रीडर पैसे मांगते हैं और पैसे नहीं देने पर वे उपभोक्ता को परेशान करने की नीयत से स्पॉट बिलिंग मशीन में अधिक रीडिंग दर्ज कर अधिक राशि का बिल जारी कर देते हैं, जिसे ठीक कराने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली कम्पनी अधिकारियों के चक्कर लगाना पड़ते हैं। उपभोक्ताओं की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली कम्पनी ने फीडबैक इन्फ्रा कम्पनी को उपभोक्ताओं के विद्युत मीटरों की रीडिंग उनके समक्ष में डिवाइस के माध्यम से लेकर बिल जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते मीटर रीडरों के हाथ में अब स्पॉट बिलिंग मशीन के साथ डिवाइस भी होगी। मीटर रीडर अब विद्युत मीटर में डिवाइस लगाकर रीडिंग दर्ज करेंगे। बताया गया है कि विद्युत मीटर में डिवाइस लगाते ही रीडिंग के साथ लोड और सीरियल नम्बर भी दर्ज हो जाएगा। इसके बाद स्पॉट बिलिंग मशीन से उपभोक्ता को उसका बिल मौके पर ही दिया जाएगा।

डिसप्ले खराब होगी तो भी आ जाएगी रीडिंग

बताया गया है कि शहर में कई उपभोक्ताओं के विद्युत मीटरों की डिसप्ले खराब होने से उनको आंकलित बिल जारी किए जा रहे हैं, लेकिन डिवाइस के माध्यम से डिसप्ले खराब होने के बाद भी रीडिंग आसानी से दर्ज की जा सकेगी, जिससे ऐसे उपभोक्ताओं को आंकलित बिल की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। बताया गया है कि फीडबैक इन्फ्रा कम्पनी डिवाइस के माध्यम से रीडिंग लेकर बिल जारी करने का काम अगले 15 दिन में शुरू कर देगी। बिजली कम्पनी अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शहर के किसी एक फीडर के अंतर्गत उपभोक्ताओं के विद्युत मीटरों की रीडिंग डिवाइस से दर्ज कर बिल जारी किए जाएंगे। इसके बाद यदि कोई शिकायत नहीं आती है, उसके बाद यह प्रक्रिया पूरे शहर में लागू की जाएगी।

Updated : 2017-12-06T05:30:00+05:30
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