Top
Home > Archived > नेताजी के नाम पर है सुभाष मार्केट, पचास वर्ष पुराना है इतिहासशहर के बाजार

नेताजी के नाम पर है सुभाष मार्केट, पचास वर्ष पुराना है इतिहासशहर के बाजार

नेताजी के नाम पर है सुभाष मार्केट, पचास वर्ष पुराना है इतिहासशहर के बाजार
X


आज हम शहर के हृदयस्थल महाराज बाड़ा पर स्थित सुभाष मार्केट का भ्रमण करेंगे। इस बाजार का नाम नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर रखा गया है। यह बाजार (मार्केट) लगभग 50 वर्ष पुराना है। इसमें लगभग 150 दुकानें हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां 25 सीसीटीव्ही कैमरे भी लगे हुए हैं। इस बाजार में एक दिन में लगभग 50 से 60 लाख रुपए का कारोबार होता है।


अरुण शर्मा/ग्वालियर। सुभाष मार्केट शहर के व्यस्त बाजारों में से एक है। इसे नगर के ह्रदयस्थल महाराजबाड़ा का ही एक हिस्सा कहा जा सकता है। इसके चलते यहां दिनभर रौनक रहती है। चूंकि इस बाजार में सौन्दर्य प्रसाधन, रेडीमेड कपड़े आदि की दुकानों का बाहुल्य है इसलिए यहां खरीदारों में सबसे अधिक संख्या युवतियों व महिलाओं की होती है, वैसे इस बाजार में सूखे मेवा, किराना, गिफ्ट आयटम आदि की भी दुकाने हैं।

सुभाष मार्केट से ही सटे हुए नेहरू मार्केट और नजरबाग मार्केट हैं। वहां खरीदारी के लिए आने वाले लोग इस बाजार में भी अधिकतर खरीदारी के लिए आ जाते हैं जिससे भीड़ और भी बढ़ जाती है।

अतिक्रमण ने बिगाड़ी व्यवस्था:-
यह बाजार अतिक्रमण से प्रभावित है। मार्केट के बाहर फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है, जिससे बाहर का ग्राहक अंदर नहीं आ पाता है। अधिकतर ग्राहक बाहर से ही लौट जाते हैं। इस कारण यहां के व्यापारियों को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं कई दुकानदार अपना सामान दुकान के बाहर रख लेते हैं जिससे लोगों को यहां से निकलने में भी परेशानी होती है।

ये हैं विशेषताएं
*सुरक्षा की दृष्टि से पूरा बाजार सीसीटीव्ही कैमरों की जद में है।
*इस बाजार में ग्राहक के लिए सभी प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध हैं।
* पीने के पानी एवं शौचालय की विशेष व्यवस्था है।
*इस बाजार में मॉल आदि की अपेक्षा सस्ता सामान मिलता है
ये हैं समस्याएं
*पार्किंग की स्थाई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बड़े वाहन वाले ग्राहक यहां आने से कतराते हैं।
* फुटपाथी दुकानदारों द्वारा अपनी फड़ जमा लेने से मार्केट में जाने का रास्ता लगभग बंद सा हो जाता है।

पार्किंग ठेकेदार भी करता है वसूली
सुभाष मार्केट के व्यापारियों ने बताया कि निगम मुख्यालय के नीचे और मार्केट के बाहर जिस ठेकेदार द्वारा वाहन पार्किंग की जाती है, वही ठेकेदार शाम के समय फुटपाथियों की दुकान लगवाता है। व्यापारियों ने बताया कि उक्त ठेकेदार द्वारा इन फुटपाथियों से मोटी रकम लेकर उनकी फड़ लगवाई जाती है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

इन्होंने कहा
‘इस बाजार का नाम नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के नाम पर रखा गया है। बाजार 50 वर्ष पुराना है। यहां ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार सभी प्रकार का सामन मिलता है।’

गोपाल छाबड़ा
सचिव, सुभाष मार्केट, एसोसिएशन

Updated : 2016-09-07T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top