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भारत की 110 कंपनियां रूस के अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मेले में भाग लेंगी

भारत की 110 कंपनियां रूस के अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मेले में भाग लेंगी

नई दिल्ली| भारत की 110 कंपनियां रूस के शहर येकातेरिनबर्ग में रविवार से आरम्भ होने वाले वार्षिक अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक व्यापार मेले (इंनोप्रोम-2016) में इंजीनियरिंग और नवाचार के क्षेत्र में देश की औद्योगिक शक्ति को उजागर करने के लिए भाग लेंगीI

उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारत इस अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मेले में एक 'भागीदार देश' (पार्टनर कंट्री) है और उसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और फास्ट ट्रैक निवेश के अवसरों को मजबूत करना हैI उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगीI 'इंनोप्रोम' रूस का सबसे बड़ा वार्षिक अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक मेला है जिसमें विश्व भर से देश अपने-अपने औद्योगिक नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए भाग लेंगेI इस प्रदर्शनी का विषय "औद्योगिक नेट " है और इसका लक्ष्य सभी महत्वपूर्ण घटकों को एक साथ एक छत के नीचे लाकर प्रभावकारिता में सुधार करना है। इस प्रदर्शनी में भारतीय कंपनियां 'ब्रैंड इंडिया' इंजीनियरिंग अभियान के तहत देश के औद्योगिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस औद्योगिक मेले में भारत की भागीदारी इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (आईबीईएफ) और ईईपीसी इंडिया द्वारा आयोजित की जा रही है और इसमें बड़े, मध्यम और छोटे भारतीय स्पर्धा वाली कंपनियां भाग ले रही हैंI

भारत और रूस ने वर्ष 2015 तक द्विपक्षीय व्यापार 30 बिलियन अमरीकी डॉलर और आपसी निवेश 15 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया हैI महाराष्ट्र, गुजरात, झारखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, और आंध्र प्रदेश इस औद्योगिक मेले में भाग ले रही हैं और महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री देवेन्द्र फड़नवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री चंद्रबाबू नायडू, राजस्थान की मुख्य्मंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे अपने अपने राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगेI इसके अतिरिक्त भारी उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, विद्युत मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय विभाग, डिजाइन और भारतीय मानक ब्यूरो के राष्ट्रीय संस्थान के विभाग के प्रतिनिधिमंडल भी इस मेले में भाग लेंगेI

निर्मला सीतारमण ने बताया इंनोप्रोम में भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को और मज़बूत बनाने में अत्यन्त सहायक सिद्द होगीI यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम का भी एक महत्वपूर्ण भाग हैI

रूस 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के अंतर्गत रक्षा और परमाणु क्षेत्रों में निवेश के लिए स्वीकृति देने वाला पहला देश हैI

Updated : 2016-07-08T05:30:00+05:30
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