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भट्टी की तरह दहका अंचल

भट्टी की तरह दहका अंचल
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तीन साल बाद फिर 47 डिग्री पर पहुंचा पारा

रात का पारा कम, मौसम विज्ञानी हैरान


ग्वालियर।
भीषण गर्मी के लिए कुख्यात रोहिणी नक्षत्र (नौतपा) से पहले ही सूरज ऐसे आग उगल रहा है, जैसे वह पारे को अद्र्धशतक तक ले जाना चाहता हो। पिछले एक सप्ताह से सूरज की तपन से ग्वालियर अंचल आग की भट्टी की तरह दहक रहा है। सूरज के उग्र रूप ने गुरुवार को पारा 47 डिग्री पर पहुंचा दिया। गुजरे तीन साल बाद यह पहला मौका है, जब पारे ने इतनी ऊंची छलांग लगाई है। इससे पहले 31 मई 2012 को पारा 47 डिग्री दर्ज किया गया था।

जानकारी के अनुसार गर्मी के कहर को देखते हुए मौसम विभाग ने ग्वालियर व चम्बल अंचल सहित समूचे मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी किया है और दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी और जानलेवा लपट से राहत मिलने वाली नहीं है क्योंकि आसमान पूरी तरह साफ है और उत्तर पश्चिम से गर्म हवाएं आ रही हैं। इधर ग्रामीणों की बात पर भरोसा करें तो एक तरफ भीषण गर्मी और दूसरी तरफ पानी की कमी के चलते पशु व पक्षियों की मौत होने लगी है। इधर शहर में भी पशु-पक्षियों का बुरा हाल है। भीषण गर्मी के इन दिनों में पक्षियों का कलरव केवल सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद ही सुनाई देता है। शेष समय पक्षी अपने घौंसलों में छिपे रहते हैं। आए दिन शहर की सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशु भी इन दिनों केवल सुबह और शाम के समय ही भोजन-पानी की तलाश में सड़कों पर विचरण करते दिखाई देते हैं। ग्वालियर में रात का पारा पिछले कई दिनों से सामान्य से कम दर्ज हो रहा है। गुरुवार को भी रात का पारा 25.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। इसे लेकर मौमस विज्ञानी हैरान हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार दिन का पारा जब 47 डिग्री पर हो, तब रात का पारा कम से कम 35 से 37 डिग्री पर होना चाहिए। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इन दिनों रात का पारा इतना कम संभव ही नहीं है, इसलिए ग्वालियर के मौसम विज्ञान केन्द्र के थर्मामीटर में कहीं कोई कमी तो नहीं है, जिसे दिखवाया जाना चाहिए।

दो दिन बाद मिल सकती है राहत
भोपाल के मौसम विज्ञानी उमाशंकर चौकसे का कहना है कि ग्वालियर व चम्बल अंचल सहित लगभग पूरे मध्यप्रदेश में इस समय तीव्र लू की स्थिति है क्योंकि अधिकतम पारा सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। उन्होंने बताया कि उधर आंध्रप्रदेश पोस्ट पर मछली पट्टनम के पास ऊपरी हवाओं का एक चक्रवात बना हुआ है और इधर हवाओं का रुख बदलकर अब उत्तर पूर्व हो गया है, इसलिए आंध्रप्रदेश से हवाओं के साथ अब नमी आना शुरू होगी। इससे अगले दो दिनों में सूरज की तपन और तापमान में कमी आने की संभावना है।

पिछले 11 दिनों में यूं चढ़ा पारा
तारीख अधिकतम न्यूनतम
09 मई 36.0 25.3
10 मई 40.2 23.6
11 मई 42.1 25.8
12 मई 43.8 25.8
13 मई 44.3 24.4
14 मई 45.0 26.1
15 मई 45.8 28.0
16 मई 45.0 26.4
17 मई 45.5 26.5
18 मई 46.4 25.0
19 मई 47.0 25.5

गुजरे 25 सालों में आठ बार 47 डिग्री तक पहुंचा पारा वर्ष तारीख अधिकतम तापमान
2016 19 मई 47.0
2012 10 मई 47.0
2011 07 जून 47.1
2010 21 जून 47.2
2003 04 जून 47.1
1998 26 मई 47.0
1994 15 मई 47.7
1993 11 जून 47.3

Updated : 2016-05-20T05:30:00+05:30
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