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बाग़ी विधायकों को सरकारी आवास में रहने की अनुमति

बाग़ी विधायकों को सरकारी आवास में रहने की अनुमति

बाग़ी विधायकों को सरकारी आवास में रहने की अनुमति

नई दिल्ली। उत्तराखंड में पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद कांग्रेस के नौ बाग़ी विधायकों को सरकारी आवास में रहने की अनुमति मिल गई है। हालांकि उन्हें अब वेतन नहीं मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने नौ विधायकों को सरकारी आवास से निकालने पर रोक लगा दी। साथ ही उत्तराखंड सरकार से कहा कि उनके आवासों में मिल रही सुविधाओं को भी न हटाया जाए। जस्टिस दीपक मिश्रा और शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने यह आदेश उस वक्त दिया जब बर्खास्त विधायकों के वकील सीए सुंदरम ने अदालत में कहा कि उन्हें आवासों से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधायकों की योग्यता का मामला शीर्ष अदालत में लंबित है इसलिए उन्हें निकाला नहीं जा सकता।

पीठ ने कहा कि यह सही है, जब तक उन्हें बर्खास्त करने के फैसले के खिलाफ अपीलों का निपटारा नहीं होता उन्हें आवासों में बने रहने दिया जाए। कोर्ट ने उत्तराखंड के संसदीय कार्य मंत्री के वकील का बयान दर्ज कर लिया कि बर्खास्त विधायकों को आवंटित आवासों से नहीं हटाया जाएगा। मामले की सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

कोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन वापस लेने की अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की अधिसूचना को भी रिकॉर्ड पर लिया और उस पर कोई आदेश पारित किए बिना उसे भी 12 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

Updated : 2016-05-14T05:30:00+05:30
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