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बहुत कठिन है डगर जिलाधीश कार्यालय की

नहीं जाते टैम्पो, ऑटो का लेना पड़ता है सहारा

ग्वालियर। गोरखी से नवीन कलेक्ट्रेट में जिलाधीश कार्यालय पहुंचने के बाद से वहां अपने काम के लिए जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि किसी के पास अपना वाहन है तो ठीक, नहीं तो उसे वहां पहुंचने के लिए मजबूरी में ऑटो वालों को मनमाना किराया देना पड़ता है क्यों कि प्रशासन आज तक इस रास्ते पर नियमित टैम्पो सेवा उपलब्ध कराने में असफल रहा है।

यात्रियों को न्यू कलेक्ट्रेट तक पहुंचने के लिए जो टैम्पो मिलते हैं, वह भी आधे रास्ते से ही लौट आते हंै। इसके बाद लोगों को पैदल ही जिलाधीश कार्यालय तक का रास्ता तय करना पड़ता है। हालांकि इस मार्ग पर कई वाहनों को परमिट दिया गया है, लेकिन सवारी कम होने के कारण ये वाहन कलेक्ट्रेट और इसके आगे के मार्ग पर नहीं जाते हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलने वाले टैम्पो मुनाफे के लिए पूरा चक्कर नहीं लगा रहे हैं।

यहां से लौट रहे हैं टैम्पो
मुरार से आने वाले नौ नम्बर टैम्पो गोविंदपुरी होते हुए हाईकोर्ट चौराहा होकर अलकापुरी चौराहे तक होकर वापस आ जाते हैं। यदि कोई यात्री विरोध करता है तो उसका चालक से विवाद हो जाता है।

टैम्पो क्रमांक नौ के पास है परमिट
जिलाधीश कार्यालय के लिए नौ नम्बर टैम्पो को न्यू कलेक्ट्रेट तक जाना चाहिए, लेकिन टैम्पो वहां तक नहीं जा रहा है। वह इस मार्ग को छोड़ते हुए मुरार जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि इस मार्ग पर टैम्पो चलाने के लिए कई बार निर्देेश दिए गए हैं, लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। इसे लेकर कई बार लोगों ने पुलिस अधिकारियों व जिलाधीश तक से शिकायत की है, लेकिन लोगों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है।

मंगलवार को होती है परेशानी
सबसे अधिक परेशानी मंगलवार को आती है। इस दिन दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अपनी परेशानी और समस्याओं के आवेदन लेकर यहां जनसुनवाई में पहुंचते हैं, लेकिन सवारी वाहन नहीं मिलने से कई बार उन्हें न्यू हाईकोर्ट से कलेक्ट्रेट तक पैदल ही जाना पड़ता है।

भाई साहब टैम्पों वाले न्यू कलेक्ट्रेट तक नहीं जाते हंै। इससे हमें पैदल ही वहां जाना पड़ता है। अब टैम्पों वालों से कौन लड़े।

सुनीता तोमर, यात्री


मुझे कई बार जिलाधीश कार्यालय जाना पड़ता है, लेकिन टैम्पो वाले कभी भी कार्यालय तक नहीं छोड़ते हैं।

बंटी परिहार, यात्री


हमने नौ नम्बर टैम्पो नवीन कलेक्ट्रेट मार्ग के लिए प्रस्तावित किए हंै, लेकिन टैम्पों चालक अलकापुरी से ही लौट आते हंै। इसके लिए हमने एक आरटीआई भी खड़ा किया था। वैसे यह दायित्व यातायात पुलिस का है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक यह दायित्व यातायात पुलिस को निभाना चाहिए।
अशोक निगम, आरटीओ

Updated : 2016-03-07T05:30:00+05:30
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