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दागी उपयंत्रियों के जिम्मे स्टाप डैम का निर्माण

लग चुके है भ्रष्टाचार के आरोप, फिर भी मिल गई पदोन्नति

ग्वालियर। जल संसाधन विभाग में अनियमितता और गड़बड़ करने वाले वेखौफ हैं, सांठगांठ कर ऐसे अधिकारी जहां महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं, वहीं इन्हें करोड़ों के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है। इसका एक उदाहरण जिले के हरसी जल संसाधन संभाग डबरा के अंतर्गत फील्ड चैनल निमार्ण कार्य में दोषी पाए गए वह दो उपयंत्री हैं जिनके खिलाफ सीई ने दण्डात्मक कार्रवाई की थी। अब यही उपयंत्री वर्तमान में मुरैना में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ हैं और इन्हें स्टाप डैम निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रमुख अभियंता जल संसाधान विभाग भोपाल द्वारा हरसी जल संसाधन संभाग डबरा के अंतर्गत फील्ड चैनल निर्माण कार्यो में हुए भ्रष्टाचार की विभागीय जांच में 29 फरवरी को उपयंत्री एके जैन एवं आरपी शर्मा की एक-एक वेतन वृद्धि रोक कर उन्हें दंडित किया गया था। इन दोनों उपयंत्रियों पर निर्माण कार्य को लेकर लाखों रूपए के भ्रष्टाचार का आरोप था। लेकिन सूत्र बताते हैं कि इन दोनों अधिकारियों ने अब सांठगांठ कर मुरैना में स्टाप डैम के निर्माण का कार्य हथिया लिया है। यही नहीं इनमें से एक अधिकारी उपयंत्री आरपी शर्मा को वर्तमान में प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी का कार्यभार भी सौंप दिया गया है। इस मामले को लेकर पहले भी कई अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। इनमें से पीएन लक्षकार सहायक यंत्री भी शामिल थे जिन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके है। लेकिन श्री लक्षकार सेवानिवृत हो चुके हैं।

ये लगे थे आरोप
आरपी शर्मा जब जल संसाधन उपसंभाग चीनौर में उपयंत्री पद पर कार्यरत थे, तब जल उपभोक्ता बाकी सराय कार्यस्थल पर संपादित फील्ड चैनल्स के कार्यो की मापों को बढ़ा-चढ़ाकर अंकित किया गया व घटिया निर्माण का पूरी दर से मूल्याकंन कर राशि को विमुक्त कराकर भुगतान भी करा लिया गया। जिससे शासन को लगभग साढ़े सात लाख की हानि हुई थी। उपयंत्री ऐ.के.जैन ने हरसी, मस्तूरा, एवं करैया कार्यस्थल पर फील्ड चैनल्स के कार्यो की मापों को बढ़ाकर प्रस्तुत किया था। जिससे शासन को लगभग सात लाख की हानि हुई थी।

इन्होंने कहा

यह सही है कि दोनों उपयंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, और उन पर कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन ऐसा तो नहीं है कि जिन पर आरोप लगे थे, वह अब कहीं नौकरी ही नहीं करेंगे।

एनपी कोरी
मुख्य अभियंता

मुझ पर जो आरोप लगे थे, मैं उन से मुक्त हो चुका हूं। लेकिन मेरे द्वारा अभी कोई निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है।

एके जैन
उपयंत्री

मुझे इस मामले में कुछ याद नहीं है। फिलहाल हमारे पास स्टाप डेम जैसा कोईकाम नहीं है।

आरपी शर्मा
प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन विभाग, मुरैना

Updated : 2016-03-29T05:30:00+05:30
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