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अब शस्त्र विक्रेताओं की भी होगी यूनिक आईडी

पूरी जानकारी होगी ऑनलाइन गृह मंत्रालय से आए आदेश
आदेश से मची खलबली

राजेश शुक्ला / ग्वालियर। पूरे प्रदेश सहित ग्वालियर चंबल संभाग के हथियार विक्रेताओं की सभी जानकारी अब ऑनलाइन होगी। शीघ्र ही लायसेंसी हथियारों की तर्ज पर डीलरों को भी यूनिक आईडी मिलेगी। इसमें डीलर का लायसेंस क्रमांक,स्टॉक का लेखा-जोखा और नवीनीकरण का समय भी अंकित किया जाएगा। दिल्ली गृह मंत्रालय से इस सम्बन्ध में आदेश आ गए हैं। शीघ्र ही जिलाधीश कार्यालय से सभी हथियार विक्रेताओं के पास ये आदेश पहुंच जाएगा। सूत्र बताते हैं कि इस योजना से हथियारों और कारतूसों की अवैध खरीद-फरोख्त पर शासन ने लगाम लगाने की तैयारी कर ली है।

शस्त्रों जैसा विक्रेताओं का डाटाबेस होगा तैयार
गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एनडीएएल (नेशनल डाटाबेस ऑफ आम्र्स लायसेंस) योजना के तहत शस्त्रों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस सिलसिले में ग्वालियर जिले में भी राज्य शासन के गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत शस्त्र लायसेंसों का इलेक्ट्रोनिक स्वचालित प्रणाली में डाटा प्रविष्ट कराने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही हर शस्त्र लायसेंस के लिये एक विशिष्ट नम्बर (यूआईएन) जारी करने की कार्रवाई भी हो रही है। ताकि देश भर से कहीं भी आम्र्स की जानकारी ली जा सके। इसी प्रकार हथियार विक्रेताओं की समूची जानकारी यूनिक आईडी में अंकित होगी।

22 को आया आदेश
हथियार विक्रेताओं की यूनिक आईडी बनाने संबंधी आदेश इसी माह गृह मंत्रालय, दिल्ली से सभी जिलाधीशों के पास आया है। चूंकि होली का पर्व था इसलिए बहुत जल्द ये आदेश जिले के सभी हथियार विक्रेताओं को भेजे जाएंगे। इस आदेश में स्पष्ट लिखा है कि सभी हथियार विक्रेता अपनी जानकारी,व्यवसाय का पूरा डेटाबेस जल्द से जल्द शस्त्र विभाग के पास जमा कर दें ताकि उसकी यूनिक आईडी बन सके। सूत्र बताते हैं कि किसी विक्रेता ने समय पर अपनी जानकारी नहीं दी तो उसका लायसेंस तय सीमा के बाद रद्द भी हो सकता है।

इधर शहर समेत संभाग भर में हथियार विक्रेताओं की यूनिक आईडी बनाने संबंधी आदेश के आने से पहले ही हथियार कारोबारियों में खलबली मच गई है। चूंकि आदेश भोपाल से नहीं बल्कि दिल्ली से आया है,इस कारण से उन्हें कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लग रही है। फालका बाजार के एक शस्त्र कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसे में शहर के उन विक्रेताओं का व्यापार बंद हो जाएगा जो एक ही लायसेंस पर अवैध रूप से दो-दो दुकानें संचालित कर शासन को सालों से लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगा रहे हैं। फिलहाल शहर में 26 लायसेंसी दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें से कुछ दुकानों का नवीनीकरण के लिए आवेदन लगा है। इसी तरह ग्वालियर संभाग में अशोकनगर,गुना,शिवपुरी,दतिया और चंबल संभाग में भिण्ड,मुरैना और श्योपुर में लगभग 146 हथियार विके्रता हैं। जिनका डेटाबेस ऑनलाइन होगा।

''आदेशानुसार शहर के सभी हथियार विके्रताओं की यूनिक आईडी बनेगी। इसमें विक्रेताओं की सारी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।''

शिवराज वर्मा, एडीएम, ग्वालियर

Updated : 2016-03-26T05:30:00+05:30
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