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नए वर्ष में शनि ग्रह बदलेंगे अपना घर

नए वर्ष में शनि ग्रह बदलेंगे अपना घर
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26 जनवरी को वृश्चिक से धनु में करेंगे प्रवेश, तुला राशि के जातकों को साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति


ग्वालियर।
नए वर्ष में अर्थात 2017 की जनवरी में शनि ग्रह अपना घर बदलेंगे। 26 जनवरी को ठीक शाम 7 बजकर 30 मिनट पर शनि ढाई साल के लिए अपना घर बदलकर वृश्चिक राशि छोड़ धनु राशि में विराजमान हो जाएंगे। घर बदलते ही कुछ राशियां शनि की साढ़े साती और ढैया से मुक्त हो जाएंगी तो कुछ इनकी चपेट में आएंगी। ऐसा होते ही कुछ लोग चिंता से मुक्त हो जाएंगे तो किसी की चिंता बढ़ जाएगी। ग्रहों के दंडाधिकारी के रूप में मान्य शनि ग्रह एक राशि में ढाई साल रहते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी ने बताया कि बताया कि 26 जनवरी 2017 को वृश्चिक राशि को छोडक़र धनु राशि में प्रवेश कर वे ढाई साल इसी राशि में रहेंगे। शनि के धनु राशि में प्रवेश करते ही तुला राशि को शनि की साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी। मेष और सिंह राशि भी शनि की ढैया से मुक्त होगी। मकर राशि पर शनि की साढ़े साती शुरू हो जाएगी। वृष एवं कन्या राशि वालों पर ढैया का आरंभ हो जाएगा।

शनि के चंगुल में वृश्चिक, धनु , मकर, वृषभ एवं कन्या राशि
के जातक ढैय्या शनि के चुंगल में रहेंगे। श्री सोनी ने बताया कि शनि के नई राशि में प्रवेश की तारीख पंचाग भेद में अलग-अलग है। लहरी पंचाग, फ्यूचर पंचाग, निर्णय सागर, राजधानी पंचांग के अनुसार शनि 26 जनवरी को शाम 7.30 बजे राशि परिवर्तन करेंगे। वहीं काशी पंचाग के अनुसार 17 फरवरी की रात 2 बजे शनि ग्रह वृश्चििक राशि को छोडक़र धुन राशि में प्रवेश करेंगे। यह 26 जनवरी 2017 से 24 जनवरी 2020 तक शनि धनु राशि में संचार करेंगे।

शनि के राशि परिवर्तन से ये होगा असर
ज्योतिषाचार्य श्री सोनी ने बताया कि धनु राशि शनि की समर राशि है। धनु अग्नि तत्व की राशि है और शनि वायु तत्व का ग्रह है। अग्नि तत्व की राशि में वायुतत्व की राशि में जोर से अग्नि का भडक़ाव होगा। इस दौरान अचानक दुर्घटनाओं में इजाफा होगा, सरकार की ओर से शिाा के क्षेत्र में अच्छे कदम उठाए जाएंगे।

ये करें उपाय
शनि अशुभ होने पर लोग कई उपाय कर सकते हैं। जिनकी कुंडली में शनि ग्रह अशुभ है, वे सुंदरकांड का पाठ करें। ऐसे लोग हनुमान उपासना, पीपल वृक्ष की परिक्रमा भी नियमित करें और मंदिर, पीपल के नीचे दीपक रखें। शनि से संबंधित वस्तुओं का दान भी शुभ रहेगा। चींटी एवं गाय को भोजन भी कराएं। श्री सोनी ने बताया कि महाराजा दशरथ कृत शनि स्त्रोत का पाठ करने से शनि की पीढ़ा से राहत मिलती है।

ये न करें
मदिरा पान, मांस मछली, माता-पिता गुरू का अपमान न करें।

शनि के गोचर राशि परिवर्तन से किस राशि पर क्या प्रभाव रहेगा

*मेष- भाग्यवर्धक, उन्नतिकारक रहेगा।
*वृषभ-नवीन कार्य होंगे, यात्रा का योग
*मिथुन-आध्यमित्क और आर्थिक विकास के अच्छे अवसर मिलेंगे।
*कर्क-राज योग, परन्तु रोग से सावधानी
*सिंह- वैवाहिक योग, उन्नति कारक समय
*कन्या-शत्रु परास्त होंगे, वाहन सुख मिलेगा
*तुला-धनागमन होगा,रूके हए कार्य होंगे
*वृश्चिक- भैतिक सुख, सुविधाओं में वृद्धि
*धनु-धन, यश,विद्या और बुद्धि की वृद्धि होगी।
*मकर-विवाद से बचें, धन का अपव्यय
*कुंभ-धन का लाभ, नवीन कार्य होंगे
*मीन राशि-हर कार्य मेें मिलेगी सफलता, राज योग कारक समय

Updated : 2016-12-23T05:30:00+05:30
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