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दिल के तार छेड़ गया दीपक का गिटार

दिल के तार छेड़ गया दीपक का गिटार
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*मुजाहिद ने शास्त्रीय संगीत से बांधा समां

ग्वालियर, न.सं.। उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी तथा भारतीय संस्कृति परिषद द्वारा ग्वालियर घराने के मूर्धन्य गायक पं. कृष्णराव शंकर पंडित की स्मृति में पड़ाव स्थित तानसेन कला वीथिका में आयोजित दो दिवसीय संगीत समारोह का समापन रविवार को बड़ौदा के दीपक क्षीरसागर के गिटार वादन से किया गया।

संगीत समारोह की शुरुआत में गिटार वादक दीपक क्षीरसागर के गिटार ने ऐसा राग छेड़ा, जो श्रोताओं के दिलों के तार छेड़ गया। उन्होंने गिटार पर राग पुरिया कल्याण में आलाप झोड़ झाला की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित श्रोताओं के दिलों के तार ही छेड़ दिए। उन्होंने गिटार पर अपनी उंगलियों का जादू इस कदर बिखेरा कि श्रोताओं के बीच से तालियां गूंज उठीं। उनके साथ तबले पर हितेन्द्र दीक्षित ने संगत की। इसके बाद मेरो मन अटको... की नई दिल्ली के मुजाहिद क्षीरसागर ने जब प्रस्तुति दी तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।

समारोह के समापन अवसर पर मुजाहिद ने अपने गायन से लोगों को मुग्ध कर दिया। उन्होंने राग विहाग में बड़ा ख्याल प्रस्तुत किया। उल्होंने विलम्बित एक ताल में बंदिश मेरो मन अटको... प्रस्तुत किया। धु्रत तीन ताल में निबध साजन आयो मोर मदिरवा की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलपति स्वतंत्र शर्मा, ग्वालियर घराने की गायिका मीता पंडित, एल.के. पंडित मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अशोक आनंद ने किया।

Updated : 2016-11-07T05:30:00+05:30
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