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यूएन सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हमारा हक: मोदी

यूएन सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हमारा हक: मोदी
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बर्लिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नौ दिवसीय यूरोप-कनाडा दौरे में इस वक्त जर्मन की राजधानी बर्लिन में है। बर्लिन में प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ साझा बयान दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने साझा वक्तव्य में मेक इन इंडिया, व्यापार, यूएन सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और आतंकवाद के मुद्दों पर बात रखी। साथ ही साथ पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर एजेंला मार्केल और जर्मनी का जर्मनी में उनके स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। और साथ ही उन्होंने इस साल अक्टूबर में चांसलर एंजेला मार्केल को भारत आने का न्योता भी दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हनोवर में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े व्यापार मेले मे साझेदार बनाने पर जर्मन चांसलर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा भारत जर्मनी से काफी कुछ सीख सकता है। निवेश का आकर्षित करने के लिए पीएम मोदी ने कहा है कि हम जर्मन कंपनियों के लिए भारत में निवेश के लिए आसान माहौल प्रदान करने की बात की। साथ ही साथ दोनों देशों की बीत तकनीक, अक्षय ऊर्जा और स्किल्ड डेवलपमेंट जैसे अहम मुद्दों पर बात की।आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए मोदी ने आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है और पूरी दुनिया को इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने आतंक को पनाह देने वाले वाले देशों पर कार्यवाई की मांग की। और कहा आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों को अलग थलग करने की जरूरत है।मोदी ने एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा यूएन सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट मिलना उसका हक है। उन्होंने कहा आज भारत एक ऐसा मुल्क है, जिसने कभी युद्ध नहीं लड़ा हो, जहां महात्मा बुद्ध और महात्मा गांधी जैसे महापुरूष जन्में हो और शांति जिसके डीएनए में हो, वो देश आज यूएन सुरक्षा परिषद की सदस्यता से वंचित है। उन्होंने कहा है कि भारतीय सैनिक सबसे ज्यादा यूएन शांति सेना में सहयोग देते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत हुआ मांगना हम यूएन से अपने साथ न्याय की मांग करते हैं।

Updated : 14 April 2015 12:00 AM GMT
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