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इज़राइल के चुनावों में नेतनयाहु की पार्टी को पुनः मिली बड़ी जीत

यरूशलम | पूर्वी मध्य एशिया में अरब देशों से घिरे इज़राइल में मंगलवार को हुए चुनावों के गिनती के बाद उसकी सत्ता पर एक बार फिर से बेंजामिन नेतनयाहु ने कब्जा कर लिया है। बुधवार को जैसे जैसे गिनती के बाद नतीजे सामने आने से तो यह लग रहा है की की इज़राइल की बागडोर चौथी बार बेंजामिन नेतनयाहु ही शायद संभालेंगे।65 वर्षीय बेंजामिन की पार्टी लिकुड़ को 120 संसदीय सीटों में से करीब 29 सीटें मिली जबकि उनके करीबी विरोधी इसाक हरजोग की पार्टी जायनिस्ट यूनियन को सिर्फ 24 सीटें मिलने का अनुमान है। चुनाव से कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रवादी और शक्तिशाली नेता नेतनयाहु ने बयान देते हुए कहा था की चाहे जो भी हो जाए उनके रहते हुए वे फ़लस्तीनी राष्ट्र कोऔपचारिक दर्जा नहीं देंगे। हालांकि इज़राइल की सत्ता पाने के लिए 61 सीटों का बहुमत चाहिए होता है पर अब तक उसके इतिहास में पूर्ण बहुमत किसी एक पार्टी को नहीं मिली है और कल तक नेतनयाहु की लिकुड़ पार्टी भी बहुत सारे गठबंधन कर राज करते आई थी। यह देखना दिलचस्प होगा की नेतनयाहु किस तरह गठबंधन कर सत्ता में आते हैं।इज़राइल ने पिछले ही वर्ष गाज़ा की लड़ाई में फ़लस्तीनी कट्टरपंथियों की कमर तोड़कर रख दी थी लेकिन इस युद्ध में तबाही देखने के बाद से अमेरिका सहित कई सारे यूरोपीय एवं अरबी देशों ने इज़राइल पर दबाव डालना शुरू कर दिया था। हालात यहाँ तक पहुँच चुके थे की इज़राइल का सबसे बड़ा समर्थक अमेरिका और उसके राष्ट्रपति ओबामा से नेतनयाहु के संबंध खट्टे होते दिखे पर नेतनयाहु ने झुकने से माना कर दिया।नेतनयाहु के राष्ट्रवादी सोच और निर्णयों का ही असर था की बहुत से लोगों ने उनके हार की बहविष्यवाणी भी की पर नेतनयाहु फिर से बड़ी जीत के साथ उठ खड़े हुए। हाल ही में उन्होने अमेरिका जाकर काँग्रेस के सामने दमदार भाषण किया था और अमेरिका को ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर चेतावनी भी दे आए थे।पिछले हफ्ते के तमाम आंकड़ों ने जायनिस्ट यूनियन की जीत पर मुहर लगाई थी पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कट्टर विरोधी और दुनिया भर में यहूदियों को सुरक्षा दिलवाने की वकालत करने वाले नेतनयाहु की जीत ने सबको चौंका दिया है। इज़राइल में मंगलवार को 65.7 मतदान पड़े और पचास लाख से ज़्यादा लोगों ने वोट डाले थे। प्रधानमंत्री नेतनयाहु ने कहा की "सच्चाई किसिके लिए रुकती नहीं और हमारी जनता चाहती है की हम जल्दी से जल्दी देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के प्रति अपने वादे को पूरा करने की ओर कदम बढ़ाए।" उन्होने आगे कहा की सभी रुकवटों के बावजूद उन्हें यह जीत हासिल हुई है।नेतनयाहु ने फिलहाल अपने सहयोगी बाइत यहूदी के मुखिया नफताली बेनेट, कुलानु के मोशे कहलों, इस्राइल बेयतेनु के अविगदोर लिबर्मन, आर्यह देरी, याकोव और मोशे गाफ़नी से बात कर संभावित गठबंधन प्रक्रिया के की दिशा में पहला कदम उठाया।

Updated : 2015-03-18T05:30:00+05:30
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