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आधी रात को बेपटरी हुआ इंजन

भोपाल इंटरसिटी, चम्बल, बरौनी, पुणे एक्सप्रेस चलीं देरी से


ग्वालियर। आधी रात को संटिंग के दौरान इंजन बेपटरी हो गया, जिससे लाइन के पॉइंट खराब हो गए। इसके चलते स्टेशन से चलने वालीं रेलगाडिय़ां अपने निर्धारित समय से नहीं चल सकीं।
जानकारी के अनुसार संटिंग करने वाला इंजन नम्बर 18671 डब्ल्यूडीएम 3-ए आधी रात करीब 2:50 बजे ताज साइडिंग से यार्ड में रखी भिण्ड पैंसेजर के कोचों को लेने जा रहा था। अभी वह आगरा एण्ड में पडऩे वाले यार्ड की ओर जाने वाले पॉइंट नम्बर 7-जी पर पहुंचा ही था कि इंजन के तीन पहिए दोनों लाइनों के बीच में उतर गए, जिससे लाइन के पॉइंट खराब हो गए। इंजन के बेपटरी होने की सूचना तुरंत परिचालन विभाग को दी गई। परिचालन विभाग ने इंजन को पटरी पर लाने के लिए एआरटी दल (दुर्घटना राहत गाड़ी) को सूचित किया। सुबह जब दल पहुंचा तब दो घण्टे की मशक्कत के बाद इंजन को सुबह साढ़े सात बजे पटरी पर लाया जा सका, लेकिन पॉइंट खराब होने के चलते उन्हें सुधारने में दो से तीन घण्टे लगे। तब कहीं जाकर स्टेशन से चलने वालीं गाडिय़ां अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकीं।
यह गाडिय़ां चलीं विलम्ब से
पॉइंट खराब होने के कारण सुबह सात बजे चलने वाली चम्बल एक्सप्रेस दो घण्टे विलम्ब से नौ बजे, भोपाल इंटरसिटी सुबह करीब दस बजे, बरौनी मेल दोपहर तीन बजे रवाना हुई तो पुणे एक्सप्रेस एक घण्टे की देरी से चार बजे रवाना हुई। वहीं भिण्ड पैंसेजर भी अपने निर्धारित समय से करीब तीन घण्टे विलम्ब से चली।
ट्रेनों में नहीं हो सकी सफाई
जो गाडिय़ां स्टेशन से रवाना हुईं, उनमें से कई गाडिय़ों को बिना सफाई किए ही गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। सुबह जाने वाली गाडिय़ों में बैठे यात्रियों ने इस बात की शिकायत रेल कर्मचारियों से की।
परिचालन विभाग की गलती से गिरा इंजन
सूत्रों के अनुसार परिचालन विभाग की गलती से इंजन बेपटरी हो गया। यह बात जांच करने के बाद पता चली,जिसे परिचालन विभाग द्वारा स्वीकार भी कर ली गई है। सूत्रों ने बताया कि परिचालन विभाग के पॉइंटमैन सुनील कुमार ने गलत पॉइंट लगा दिया था। जिसके चलते इंजन जब उस पॉइंट से होकर गुजरा तो दो पटरियों के बीच में उसका पहिया चला गया और इंजन के तीन चक्के बेपटरी हो गए। यह बात जब उजागर हुई तो परिचालन विभाग ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया। जिसकी चार्जशीट भी तैयार कर झांसी भेज दी गई। इस पॉइंट को तकनीकी विभाग ने ठीक किया।

Updated : 2015-12-27T05:30:00+05:30
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