फूड व एग्रीकल्चर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा

मुख्यमंत्री चौहान से निवेशकों ने की मुलाकात
भोपाल। निवेशकों से मुलाकात के नियमित क्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ छह उद्यमियों और प्रतिनिधि-मंडलों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिलने वालों में स्टार एग्रीवेयर हाउसिंग एण्ड कोलेट्रल मैनेजमेंट लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमित मुण्डावाला, एसोसिएशन ऑफ प्रायवेट वेयर हाउस के अध्यक्ष अभिनव सूर्यवंशी और प्रतिनिधि-मंडल, मेसर्स ग्रेसिम के प्रेसीडेंट दिनेश शुक्ला, मेसर्स एचईजी के चेयरमैन रवि झुनझुनवाला, मेसर्स एस्सार पॉवर के डायरेक्टर केवीबी रेड्डी तथा सीआईआई के अध्यक्ष संजय किर्लोस्कर और प्रतिनिधि-मंडल शामिल है।
स्टार एग्रीवेयर हाउसिंग एण्ड कोलेट्रल मेनेजमेंट कंपनी द्वारा प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के संबंध में नागरिक आपूर्ति निगम और राज्य विपणन संघ के साथ साझा व्यापार का प्रस्ताव दिया गया। कम्पनी ने उपार्जन सेवाओं में सहयोग करने में भी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कम्पनी के प्रस्ताव का विस्तृत परीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के परीक्षण में किसानों की सुविधा का ध्यान रखा जाए।
एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट वेयर हाउस द्वारा प्रदेश में वेयर हाउसिंग सेक्टर में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन निवेशकों ने वेयर हाउसिंग सेक्टर में निवेश किया है उन्हें मदद के सभी प्रयास किए जायेंगे। इस संबंध में गठित राज्य स्तरीय समिति में एसोसिएशन के एक पदाधिकारी को शामिल किया जाएगा।
सीआईआई के अध्यक्ष श्री किर्लोस्कर ने कृषि को लाभदायक बनाने तथा श्रम कानूनों में सुधार के लिए सीआईआई के सुझावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीआईआई प्रदेश में फूड एण्ड एग्रीकल्चर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना चाहता है जो किसानों को तकनीकी जानकारी देने के साथ उनके उत्पादों में मूल्य संवर्धन करेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रस्ताव का परीक्षण करने के निर्देश दिए। सीआईआई ने प्रदेश में नये निवेश को आकर्षित करने के लिए टास्क फोर्स गठित करने का सुझाव भी दिया।
मेसर्स ग्रेसिम के प्रेसीडेंट श्री शुक्ला और एचईजी के प्रेसीडेंट रवि झुनझुनवाला ने प्रदेश में विद्युत ड्यूटी संरचना तथा दरों के युक्तियुक्तकरण का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कोयले पर लगने वाले प्रवेश कर का युक्तियुक्तकरण भी किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ऊर्जा विभाग को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। एस्सार ग्रुप के श्री रेड्डी ने पॉवर प्लांट पर लगने वाले जल शुल्क तथा कोयले पर लगने वाले प्रवेश कर से छूट की बात कही।
मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा, कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी. मीना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस.के. मिश्रा, प्रमुख सचिव उद्योग मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव ऊर्जा आई.सी.पी. केसरी, प्रमुख सचिव राजस्व के.के. सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण प्रमोद अग्रवाल और प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।