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पांच साल तक लगाई आकलित खपत

फोरम ने सुनी शिकायतें

ग्वालियर। विद्युत वितरण कंपनी ने लगभग पांच साल तक बिना रीडिंग लिए मीटर सही होने के बावजूद हर माह आकलित खपत का बिल भेजा। इस कारण हमें 29212 रुपए अधिक कंपनी में जमा करना पड़े। अत: उक्त राशि का 9 प्रतिशत ब्याज 8346 रुपए मिलाकर 37558 रुपए विद्युत वितरण कंपनी हमें वापिस दिलाए जाएं। यह मांग विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम मे शिकायत दर्ज कराकर जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक शाखा पोहरी जिला शिवपुरी प्रबंधन ने की है।
विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण के लिए मंगलवार को रोशनी घर स्थित श्रम कल्याण केन्द्र में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की तीन सदस्यीय बैंच अध्यक्ष ए.के श्रीवास्तव, सदस्य ए.एस. दाउद एवं एस.के मिश्रा ने की। आज की सुनवाई में 12 नई शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि पूर्व से दर्ज 19 शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें से पांच शिकायतों का निराकरण कर संबंधित उपभोक्ताओं के पक्ष में निर्णय सुनाया गया। इनमें दो शिकायतें ऐसी थीं, जिनका लोक अदालत में समझौता हो गया था, लेकिन इसके बाद भी विद्युत कंपनी उनके बिल में बकाया राशि जोड़कर भेज रही थी। वहीं दो शिकायतें ऐसी आईं जो फोरम के अधिकार क्षेत्र से बाहर की थीं, इसलिए उनका निराकरण नहीं किया जा सका।
आज की सुनवाई में जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक शाखा पोहरी जिला शिवपुरी के सेवानिवृत शाखा प्रबंधक सुमिता कुमार ने बताया कि वर्ष 2008 से लेकर 2012 तक उनके कार्यालय का मीटर सही होने के बाद भी विद्युत वितरण कंपनी ने उन्हें आंकलित खपत का बिल भेजा। इसकी उन्होंने कई बार कनिष्ठ यंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की, लेकिन उन्होंने कभी भी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। श्री कुमार ने कहा कि वर्ष 2012 में उन्होंने बिल जमा करना बंद कर दिया। इसके बाद उनके कार्यालय का कनेक्शन काट दिया गया, लेकिन जब उन्होंने फोरम में शिकायत की तो कनेक्शन जोड़ दिया गया और रीडिंग की जांच के लिए एक नया मीटर और लगाया गया, जिसमें जून में महज 21 यूनिट खपत आई, जबकि कम्पनी हर माह आंकलित खपत 120 यूनिट लगा रही थी, इसलिए उन्होंने फोरम में शिकायत दर्ज कराकर पिछले पांच साल में वसूली गई अधिक राशि कम्पनी से वापस लौटाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि फोरम ने इस मामले में विद्युत वितरण कम्पनी पोहरी के कनिष्ठ यंत्री जी.के. श्रीवास्तव को जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजा है, लेकिन वह पिछली सुनवाई में भी उपस्थित नहीं हुए और आज की सुनवाई में भी नहीं आए। 

Updated : 2014-08-13T05:30:00+05:30
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