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फिर दिखा लियोनेल मेसी का जादू, हारकर भी आगे पहुंचा नाइजीरिया

फिर दिखा लियोनेल मेसी का जादू, हारकर भी आगे पहुंचा नाइजीरिया
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पोटरेनेग्रे
| लियोनेल मेसी ने अपने पांवों का जादुई करिश्मा जारी रखते हुए बुधवार को यहां दो खूबसूरत गोल दागे जिससे अर्जेंटीना ने ग्रुप एफ में नाईजीरिया को 3-2 से हराकर विश्व कप फुटबाल में अपना विजय अभियान बरकरार रखा। अर्जेंटीना की यह अपने ग्रुप में लगातार तीसरी जीत है और वह नौ अंक लेकर शीर्ष पर रहा। नाईजीरिया को भले ही हार का सामना करना पड़ा लेकिन ग्रुप एफ के एक अन्य मैच में बोस्निया हर्जेगोविना की ईरान पर 3-1 से जीत के कारण अफ्रीकी टीम अंतिम 16 में जगह बनाने में सफल रही।
नाईजीरिया के तीन मैच में चार अंक रहे। बोस्निया पहले ही बाहर हो चुका था लेकिन उसने ईरान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पिछले दोनों मैचों में अर्जेंटीना की जीत के नायक रहे मेसी ने फिर से अपना कमाल दिखाया लेकिन आज उन्हें नाईजीरिया के अहमद मूसा से बराबर की टक्कर मिली। अर्जेंटीनी कप्तान ने मैच के तीसरे और पहले हाफ के इंजुरी टाइम में गोल दागे। अर्जेंटीना की तरफ से तीसरा और निर्णायक गोल रोजो ने 50वें मिनट में किया। नाईजीरिया की तरफ से दोनों गोल मूसा (चौथे और 47वें मिनट) ने किए। मेसी केवल 63 मिनट तक मैदान पर रहे।
इस बीच उन्होंने तीन शाट गोल पर जमाये जिनमें से दो में वह उसे जाली में उलझाने में सफल रहे। दर्शक अभी मैच में मशगूल हो पाते इससे पहले ही मेसी ने अपने कौशल का जादुई नमूना पेश करके उन्हें रोमांचित कर दिया लेकिन अगले ही पल मूसा ने भी दिखा दिया कि वह भी किसी से कम नहीं हैं। इसके बाद भी स्टेडियम में मेसी का नाम ही गूंजता रहा जिन्होंने पिछले मैच में ईरान के खिलाफ आखिरी क्षणों में गोल करके अपनी टीम को पहले ही नाकआउट में पहुंचा दिया था। नाइजीरिया ने तुरंत जवाबी हमला किया और उसे इसका फायदा भी मिला। मूसा को नाईजीरिया के बायें छोर से माइकल बाबातुंडे ने गेंद थमायी। वह उसे लेकर अर्जेंटीनी पेनल्टी क्षेत्र में घुसे और फिर गोलकीपर सर्जियो रोमेरो के तमाम प्रयासों को नाकाम करते हुए गेंद को गोल में डालने में सफल रहे। चार मिनट के अंदर स्कोर 1-1 से बराबर था।
विश्व कप में यह केवल तीसरा अवसर है जब चार मिनट के अंदर दो गोल हुए। इससे पहले 1954 में आस्ट्रिया और चेकोस्लोवाकिया तथा 1986 में सोवियत संघ और हंगरी के बीच खेले गये मैचों में पहले चार मिनट में दो गोल हुए थे। इसके बाद नौवें मिनट में अर्जेंटीना के पास गोल करने का बेहतरीन मौका था। मेसी ने नाईजीरिया के पेनल्टी क्षेत्र के करीब गेंद पर कब्जा किया और फिर उसे गोंजालो हिगुएन की तरफ बढ़ाया लेकिन वह इनयीमा को नहीं छका पाए और गेंद गोल के करीब से होकर बाहर चली गयी। हिगुएन ने इसके बाद 25वें मिनट में मौका गंवाया जबकि इसके दो मिनट बाद नाईजीरिया के जवाबी हमले में पीटर ओडेमविंगी भी गोल करने से चूक गए। मेसी ने हालांकि मध्यांतर से ठीक पहले अपनी टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी। इस स्टार स्ट्राइकर की बायें पांव से जमाई गयी फ्री किक बड़ी खूबसूरती से लहराकर और एनयीमा को छकाती हुई गोल की घुस में गयी। यह मेसी का टूर्नामेंट में चौथा गोल था जिससे उन्होंने ब्राजील के नेमार की बराबरी की। जारी गोल वष्रा यहीं पर नहीं थमी और यह मेसी और मूसा तक सीमित नहीं रही। अब अर्जेंटीना के मार्कोस रोजो की बारी थी। अर्जेंटीना को 50वें मिनट में कार्नर मिला। इजीक्वेल गैरे ने उसे गोल की तरफ बढ़ाया जबकि बाकी काम रोजो ने घुटना भिड़ाकर कर दिया। यह रोजो का पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है।

Updated : 2014-06-26T05:30:00+05:30
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