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फर्स से अर्स तक कुछ नहीं, कागजों में कार्य पूर्ण

लाखों का हुआ घालमेल, बगैर कार्य कराए कर दिया मूल्यांकन

बदरवास। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां गरीबों का जीवन स्तर सुधारने के लिए कई प्रकार की योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं। वहीं योजनाओं की देखरेख व रखरखाव के लिए तैनात अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा उनमें पलीता लगाया जा रहा है। शासकीय योजनाओं का धरातल पर कहीं नामो-निशान नहीं है, लेकिन शासन द्वारा स्वीकृत राशि का शासकीय खजाने से आहरण कर उसका बंदरबांट कर लिया गया, ऐसी विषम परिस्थिति में शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदेश के गरीब तबके को कैसे मिल सकेगा, जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के भ्रष्टाचारीपूर्ण रवैए के चलते, वास्तविक धरातल पर कार्य नहीं कराये गए लेकिन स्वीकृत राशि का आहरण कर लिया गया। जनपद पंचायत बदरवास की ग्राम पंचायत देहरदागणेश में शासन द्वारा लाखों की योजनाएं स्वीकृत इस उद्देश्य के साथ की गई कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों को मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके लेकिन योजनाओं के लिए स्वीकृत राशि का आहरण तो किया गया, लेकिन कोई कार्य पूरा नहीं हो सका है।
पौधरोपण व गौशाला परिसर के नाम लाखों का घालमेल
जनपद पंचायत बदरवास की ग्राम पंचायत देहरदा गणेश की सरपंच मुल्लोबाई एवं सचिव भोलाराम रघुवंशी के कार्यकाल में पौधारोपण गऊशाला परिसर निर्माण को शासन द्वारा वर्ष 2013-14 में 3.96 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। उक्त राशि में से 3.2866 लाख लेवर के नाम तथा 48 हजार व्हाउचर पर निकाल लिए गए,लेकिन शासन द्वारा प्रदत्त राशि से कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया। उक्त योजना में मंदिर में पूर्व से लगे वृक्ष को दर्शाकर लाखों की राशि का आहरण शासकीय खजाने से कर लिया गया।
नंदन फलोद्यान योजना में घालमेल : जनपद पंचायत बदरवास में नंदन फलोद्यान योजना का क्रियान्वयन रामबार्ई के खेत पर किया जाना था जिसे वर्ष 2013-14 में शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई तथा इसके लिए 3.96 लाख रु. स्वीकृत किए, जिसमें से 2.47428 लाख लेवर के नाम व 33600 व्हाउचर पर निकाल लिए। वहीं इसी योजना के तहत कोमलिया जाटव के खेत पर योजना के लिए भी 3.96 लाख रुपए स्वीकृत किए गए उसमें से 2.55456 लाख लेवर के नाम तथा 28800 रु. व्हााउचर पर निकाल लिए लेकिन दोनों हितग्राहियों के खेतों पर कोई कार्य नहीं कराया गया जिससे शासन की योजना का लाभ इन्हें मिल सकता, लेकिन शासकीय नुमाइंदों ने कार्य पूर्ण दर्शाकर धनराशि का आहरण शासकीय खजाने से कर लिया।
कैटलशेड योजना में भी पलीता : जनपद पंचातय बदरवास के ग्राम देहरदा गणेश में गरीब तबके के लोगों के लिए कैटल शेड योजना के तहत मान सिंह पुत्र पन्ना केवट के लिए 73 हजार रु. स्वीकृत किए जिसमें से 29828 रु. लेवर के नाम आहरित कर लिए गए जबकि हितग्राहियों को मजदूरी तक प्रदान नहीं की गई है। मन्नी लाल पुत्र मथुरा, निवासी टपरियन, तथा खैरा पुत्र गब्बू के नाम भी कैटल शेड स्वीकृत किया गया उन दोनों की स्वीकृत राशि में से भी 29828 रु. लेवर के नाम निकाल लिए गए, लेकिन कार्य नहीं कराया गया।
चेक डेम सहरपटा में लाखों का घालमेल : जनपद पंचायत बदरवास में बाड़ी के नाले पर एवं सहराना नाले पर दो चैक डेम का निर्माण किया जाना था, जिनके लिये शासन 9.78 लाख रूपए स्वीकृत किये बाड़ी नाले के चेक डेम की राशि में से 1.97100 लेबर के नाम तथा 96750 रु. वाउचर पर निकाले। वहीं सहराना रपटे पर लेवर के नाम 57816 रु. व वाउचर पर 72750 आहरित कर लिए लेकिन कोई निर्माण कार्य नहीं कराया लेकिन सब इंजीनियर ने उक्त कार्यों का मूल्यांकन कर शासकीय खजाने से धनराशि आहरित कर ली।
अधिकारी नहीं देते ध्यान
जनपद पंचायत बदरवास में ही नहीं जिले भर में चल रही शासकीय योजनाओं में अधिकारियों द्वारा कार्य कराये बिना ही उनका मूल्यांकान कर शासकीय धनराशि का आहरण कर बंदरबांट किया जा रहा है। नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों व समाचार पत्रों द्वारा ध्यान आकर्षित किए जाने के बावजूद अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जिसके कारण भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी व कर्मचारियों के हौंसले बुलंद हैं।

Updated : 13 Oct 2014 12:00 AM GMT
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