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राममय अयोध्या एक और इतिहास रचने की ओर...

राममय अयोध्या एक और इतिहास रचने की ओर...
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अयोध्या । अनेक ऐतिहासिक घटनाओं की मूक गवाह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या दीपोत्सव के जरिए मंगलवार को एक और इतिहास रचने जा रही है। भारतीय संस्कृति को मजबूत करने वाले इस महोत्सव में दक्षिण कोरिया की फर्स्ट लेडी किम जुंग सूप की मौजूदगी चार चांद लगा रही है।

अयोध्या इस समय राम मय है। भक्ति भाव से सराबोर है। चारों ओर दीपोत्सव और उससे जुड़े कार्यक्रमों की ही चर्चा है। कल देर रात तक दीपोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों के तहत अनुराधा पौड़वाल के भजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। रात में अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर एलईडी वाहनों पर दिखाए जा रहे रामायण सीरियल का रस आनंद आम श्रद्धालुओं ने लिया। जगह जगह सड़क पर बैठकर श्रद्धालुओं को रामायण सीरियल देखते देखा गया।

दीपोत्सव स्थल सरयू तट पर स्थित राम की पैड़ी पर मंगलवार को सूर्यास्त होते ही मनाया जाएगा। तीन लाख से अधिक दीपक राम की पैड़ी की सीढ़ियों पर सोमवार की शाम ही रख दिए गए थे। मंगलवार दिन में उनमें तेल डाले जाएंगे और अंधेरा होते ही उन्हें जगमग दिया जाएगा। इनके जगमगाते ही अयोध्या एक और इतिहास रच देगी। क्योंकि दीपोत्सव गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या में दीपावली धूमधाम से मनाने की घोषणा की थी। उसी के तहत पिछले वर्ष भी दीप उत्सव मनाया गया था। राम की पैड़ी पर एक लाख, अस्सी हजार दीपक जलाए गए थे लेकिन इस बार उससे भी भव्य तैयारी है। दीपकों की संख्या तीन लाख से अधिक कर दी गई है।

इस महोत्सव में कोरिया की फर्स्ट लेडी भी बतौर मुख्य अतिथि आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक, बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन के भी आने की सूचना है। दीपोत्सव से पहले भगवान राम, अनुज लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ हेलीकॉप्टर से राम कथा पार्क पहुंचेंगे। हेलीकॉप्टर को सांकेतिक रूप से पुष्पक विमान बनाया गया है।

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम त्रेतायुग में 14 वर्ष का वनवास पूरा कर पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे। अयोध्या धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम की जन्म स्थली है। उनके वन से वापस आने पर अयोध्यावासियों ने खुश होकर दीपक जलाए थे और तभी से दीपावली मनाने की परंपरा शुरू हो गई। दीपोत्सव में रेत से चित्र बनाने के लिए मशहूर कलाकार सुदर्शन पटनायक भी अपनी कला के जरिए इस कार्यक्रम को और मनमोहक बना रहे हैं।

कोरिया की फर्स्ट लेडी वहां की महारानी रही किम ह्ये स्मारक के विस्तार का शिलान्यास करेंगी। दक्षिण कोरिया के इतिहास के अनुसार करीब 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की राजकुमारी ने वहां के राजा से विवाह किया था। वह राजा कारक वंश से थे जिसका दक्षिण कोरिया की राजनीति में काफी प्रभाव है। फरवरी और मार्च में कोरिया से रानी ह्ये को श्रद्धांजलि देने काफी संख्या में लोग आते हैं। सरजू तट पर रानी हो का एक स्मारक भी बना है। उसी स्मारक को और विस्तृत रूप देने के लिए आज शिलान्यास का कार्यक्रम हुआ।

कोरिया की फर्स्ट लेडी के साथ भारत में वहां के राजदूत का भी आयें है। दीपोत्सव को राम की पैड़ी पर पीओपी से बने धनुर्धारी राम और हनुमान की प्रतिमा लोगों को आकर्षित कर रही है। नया घाट तिराहे पर हनुमान जी की भव्य प्रतिमा को लोग बड़े ही भक्ति भाव से देख रहे हैं। हनुमान जी के सीने में राम और सीता की मनमोहक चित्र श्रद्धालुओं को भावुक बना दे रहे हैं। अयोध्या की सीमा में घुसते ही राम नगरी सोने का एहसास हो जा रहा है।

अयोध्या के जुड़वा शहर फैजाबाद से ही सजावट की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। आज छोटी दिवाली है अयोध्या में छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है। हनुमान जयंती पर प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी मंदिर में भव्य आयोजन होते हैं।

इस आयोजन में अयोध्या और इसके आसपास से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। हनुमान जयंती के दिन ही दीपोत्सव के आयोजन ने श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ा दी है। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद प्रबंध किए गए हैं। फैजाबाद के अलावा आसपास के जिलों से भी सुरक्षाकर्मी बुलाए गए हैं। यूपी पुलिस के अलावा केंद्रीय सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं। दक्षिण कोरिया से सुरक्षाकर्मियों का एक दस्ता 2 दिन पहले ही अयोध्या गया था। उसने वहां की फर्स्ट लेडी के रुकने और आने जाने वाले मार्गों का निरीक्षण किया था। स्थानीय अधिकारियों से विचार विमर्श कर सुरक्षा के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए थे। दीपोत्सव में अति विशिष्ट लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा कारणों से कुछ देर के लिए सामान्य लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित की जा सकती है लेकिन उनके दीपोत्सव देखने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।

सामान्य श्रद्धालुओं को आने जाने और दीपोत्सव देखने के लिए मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को कवर करने के लिए देश विदेश के मीडिया कर्मी यहां पहुंच गए हैं।

एक बड़े मीडिया संस्थान से जुड़े पत्रकार विशाल ने कहा कि दीपोत्सव का कवरेज उनके लिए गर्व की बात है। इससे उन्हें एक नई ऊर्जा मिलेगी उनका कहना था कि अयोध्या वह कई बार आ चुके हैं लेकिन आज के सांस्कृतिक आयोजन ने उन्हें भारतीय संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में प्रेरणा दी है।

Updated : 2018-11-06T21:51:21+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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