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सामाजिक कार्य से जोड़ने, नवाचार बढ़ाने विश्वविद्यालय अपने फीडबैक सिस्टम को मजबूत करें : राज्यपाल

राज्यपाल के समक्ष बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी ने स्व-नैक मूल्यांकन प्रस्तुतीकरण किया

सामाजिक कार्य से जोड़ने, नवाचार बढ़ाने विश्वविद्यालय अपने फीडबैक सिस्टम को मजबूत करें : राज्यपाल
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लखनऊ / वेब डेस्क। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को राजभवन में नैक मूल्यांकन हेतु बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन हेतु निर्धारित सभी जरूरी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने तथा अपनी सभी कमियों को समय से दूर करने के निर्देश दिये।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय धरातल पर कार्य करे तथा उनके द्वारा किये गये कार्य का क्या परिणाम आया इस पर ध्यान दे। जिन विश्वविद्यालयों को नैक में अच्छी श्रेणी प्राप्त है, उनसे प्रेरणा प्राप्त करने तथा उनसे भी बेहतर करने के लिए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को प्रेरित किया।

कुलाधिपति ने कहा कि नैक मूल्यांकन सात श्रेणियों में होता है। अतः विश्वविद्यालय सभी श्रेणियों में अपेक्षित सुधार करे तथा अपनी बेहतर तैयारी के साथ अच्छा रिजल्ट लाये। राज्यपाल ने धीमी गति से कार्य किये जाने पर असंतोष व्यक्त किया तथा नैक मूल्यांकन सुधार हेतु अनेक सुझाव दिये। कहा कि टीम भावना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है, सभी लोग मिलकर एक साथ कार्य करेंगे तो बेहतर परिणाम आयेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण तुरंत होना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिये ऑनलाइन व्यवस्था करे, इससे पारदर्शिता के साथ-साथ पुराने डेटा को अद्यतन करने, विद्यार्थियों को सामाजिक कार्य से जोड़ने तथा नवाचार बढ़ाने में बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निर्धारित सभी सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दे। प्रवेश के लिए उपलब्ध सीटें रिक्त नहीं रहनी चाहिये। राज्यपाल ने नियुक्ति प्रकिया के सभी मानकों का पालन करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिये। उन्होंने विश्वविद्यालय को डिजिटल लॉकर तथा राजभवन के पोर्टल पर सूचनाओं को अपलोड करने, स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था करने, विश्वविद्यालय परिसर तथा हॉस्टल में वाई-फाई व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये।

राज्यपाल ने कुलपति को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय केवल पठन-पाठन तक ही सीमित ना रहे। विश्वविद्यालय की सीमा क्षेत्र वाले गांवों को जोड़कर शिक्षक विद्यार्थियों की टोली गांवों में भेजकर वहां विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी ग्रामवासियों को चौपाल लगाकर दे। इससे गांवों का भी विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है कि विश्वविद्यालय नियमित रूप से इस विषय पर फीडबैक ले कि इससे ग्रामवासियों को क्या और कितना लाभ प्राप्त हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता, विशेष कार्याधिकारी डाॅ पंकज एल0 जॉनी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 जेवी वैश्म्पायन सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

Updated : 2021-10-28T17:55:00+05:30
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