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बढ़ती ठंड में निराश्रितों का आसरा बन रहे रैन बसेरे

योगी सरकार ने सूबे में 1220 से अधिक रैन बसेरे में 292228 जरूरतमंदों के ठहरने की कराई है व्यवस्था

बढ़ती ठंड में निराश्रितों का आसरा बन रहे रैन बसेरे
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लखनऊ। गलन व हांड़कंपाती ठंड में योगी सरकार के रैनबसेरे निराश्रितों व जरूरतमंदों का आसरा बन रहे हैं। रिक्शा वाले, मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों को दिन में काम करने के बाद रात में खुले में न सोना पड़े। इसके लिए योगी सरकार ने सूबे के सभी 75 जनपदों में रैनबसेरों में रजाई, कंबल समेत सभी मुकम्मल व्यवस्था कराई है। पूरे सूबे में 1220 से अधिक रैन बसेरे बनाए गए हैं। यहां 292228 लोगों के लिए रुकने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश भी है कि किसी को रात में खुले में न सोना पड़े। प्रशासन इस पर नजर भी बनाए है।

सभी 75 जनपदों में हैं रैन बसेरे

योगी सरकार ने सूबे के सभी 75 जनपदों में रैन बसेरों की व्यवस्था कराई है। प्रशासन को सख्त निर्देश दिया गया है कि यहां रजाई, कंबल समेत सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल कर ली जाएं। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में रैन बसेरे का औचक निरीक्षण भी किया था। यहां की व्यवस्था देखी और जरूरतमंदों को भोजन भी वितरित किया। हालांकि रैन बसेरों में कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा पालन करने का निर्देश दिया गया है।

1220 रैन बसेरों में 29228 लोगों के ठहरने की व्यवस्था

सूबे के सभी 75 जनपदों में 1220 रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। इनमें 29228 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। राजधानी लखनऊ में 53 रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। यहां ठंड से बचाव के लिए 1962 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहीं प्रयागराज के 50 रैन बसेरों में 1228 लोग ठहर रहे हैं। इन लोगों के लिए भी सरकार ने सारी व्यवस्थाएं कराई हैं। बरेली में 36 रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। इसकी क्षमता 660 लोगों की है। कानपुर में 33 रैन बसेरों में 1029 और मेरठ में शीतलहरी से बचाव के लिए 33 रैन बसेरों में 652 लोग रात गुजार रहे हैं। झांसी में 31 रैन बसेरों की व्यवस्था कराई गई है।

जनपद रैन बसेरे क्षमता

  • आगरा 25 458
  • अलीगढ़ 24 954
  • अंबेडकर नगर 9 750
  • अमेठी 5 110
  • अमरोहा 13 179
  • औरैया 8 132
  • अयोध्या 13 250
  • आजमगढ़ 16 415
  • बदायूं 20 330
  • बागपत 18 157
  • बहराइच 13 270
  • बलिया 18 291
  • बलरामपुर 5 100
  • बाराबंकी 22 253
  • बांदा 16 100
  • बरेली 36 660
  • बस्ती 16 110
  • बिजनौर 23 483
  • बुलंदशहर 20 263
  • चंदौली 7 183
  • चित्रकूट 7 310
  • देवरिया 19 300
  • एटा 10 143
  • इटावा 9 207
  • फर्रुखाबाद 11 225
  • फतेहपुर 12 270
  • फिरोजाबाद 19 445
  • नोएडा 13 748
  • गाजियाबाद 28 893
  • गाजीपुर 18 254
  • गोंडा 10 300
  • गोरखपुर 22 727
  • हमीरपुर 12 400
  • हापुड़ 9 156
  • हरदोई 16 530
  • हाथरस 11 269
  • जालौन 15 459
  • जौनपुर 14 150
  • झांसी 31 300
  • कन्नौज 10 250
  • कानपुर देहात 14 240
  • कानपुर नगर 33 1029
  • कासगंज 12 840
  • कौशांबी 11 161
  • कुशीनगर 14 173
  • ललितपुर 14 600
  • लखनऊ 53 1962
  • महराजगंज 12 760
  • महोबा 8 260
  • मैनपुरी 10 190
  • मथुरा 27 535
  • मऊ 12 183
  • मेरठ 33 652
  • मिर्जापुर 6 115
  • मुरादाबाद 21 350
  • मुजफ्फरनगर 11 151
  • पीलीभीत 16 270
  • प्रतापगढ़ 16 304
  • प्रयागराज 50 1228
  • रायबरेली 15 286
  • रामपुर 13 225
  • सहारनपुर 19 318
  • संभल 10 178
  • संतकबीर नगर 15 167
  • संत रविदास नगर 8 160
  • शाहजहांपुर 17 500
  • शामली 11 450
  • श्रावस्ती 2 500
  • सिद्धार्थनगर 15 391
  • सीतापुर 14 293
  • सोनभद्र 10 163
  • सुल्तानपुर 9 675
  • उन्नाव 21 219
  • वाराणसी 27 916

Updated : 2023-01-18T13:11:11+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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