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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, यूपी पवेलियन का किया निरीक्षण

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग प्रदान करने के लिए पीएम के प्रति जताया आभार

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, यूपी पवेलियन का किया निरीक्षण
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नई दिल्ली/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 समिट में भाग लेने गए हैं। यह गौरव की बात है कि भारत पीएम के नेतृत्व में अगले वर्ष तक जी-20 की अध्यक्षता करेगा। वहां जिन 20 विकसित देशों के राष्ट्राध्यक्ष आए हैं, उन्हें ओडीओपी ( वन जिला, एक उत्पाद) के उपहार प्रधानमंत्री की तरफ से दिए जा रहे हैं। इससे हमारे प्रोडक्ट को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। स्थानीय उत्पाद को वैश्विक स्तर पर नया ब्रांडिंग प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने पीएम के प्रति आभार जताया।

सीएम बुधवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान पर चल रहे 41वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में पहुंचे। वहां उन्होंने यूपी पवेलियन में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया। सीएम ने कारीगरों, हस्तशिल्पियों से बात कर उनकी हौसलाअफजाई भी की।सीएम ने कहा कि 5 वर्ष के अंदर यूपी के परंपरागत उत्पाद को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के अनेक प्रयास हुए। इसके लिए हमने पहले मैपिंग कराई, फिर हर जिले के एक उत्पाद को चिह्नित कर डिजाइनिंग, मार्केटिंग, ब्रांडिंग व पैकेजिंग के लिए प्रोत्साहन दिया। हस्तशिल्पियों का प्रशिक्षण कराया। इस दौरान भी उन्हें मानदेय दिया। टूलकिट उपलब्ध कराए गए। प्रदर्शनियों में लाने- ले जाने के लिए हरसंभव सहयोग किया गया। उसका परिणाम है कि यूपी एक्सपोर्ट का हब बना है।

यूपी के विकास पर पड़ रहा था विपरीत असर

सीएम ने कहा कि इंडिया ट्रेड फेयर में आज यूपी डे है। उत्तर प्रदेश के स्टॉल का उद्घाटन हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने कोरोना के दौरान आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य और लोकल फॉर वोकल का स्लोगन दिया था। उनकी प्रेरणा से हम लोगों ने 2018 में यूपी के परंपरागत उत्पादों की एक जिला, एक उत्पाद के रूप में ब्रांडिग की थी। यूपी इस दृष्टि से काफी समृद्धशाली है। वहां की आबादी 25 करोड़ है। हमारे पास 75 जनपद हैं और सभी के पास अपना कोई न कोई यूनिक उत्पाद है। उससे जुड़े कलस्टर पहले से हैं। इससे जुड़े हस्तशिल्पी व कारीगर सदियों से इस परंपरा से जु़ड़े हैं। समय के अनुरूप प्रोत्साहन, शासन-प्रशासन का सहयोग और तकनीक न मिलने से उनमें हताशा-निराशा थी। वे लोग इन कार्यों से मुंह मोड़ रहे थे। यूपी के विकास पर इसका विपरीत असर पड़ रहा था, इसलिए 2018 में यूपी दिवस पर ओडीओपी की अभिनव योजना प्रारंभ की गई, जो परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने व उसे लोकल से ग्लोबल बनाने की मुहिमा का हिस्सा था। प्रसन्नता है कि यूपी का ओडीओपी पीएम के विजन के अनुरूप देश व विदेशों में भी समृद्ध हो रहा है।

यूपी का एक्सपोर्ट बढ़कर एक लाख 56 हजार करोड़ से अधिक का हो गया

सीएम ने बताया कि 2017-18 में यूपी का एक्सपोर्ट 86 हजार करोड़ का था, अब एक लाख 56 हजार करोड़ से अधिक का हो चुका है। इसमें अभी भी बहुत संभावनाएं हैं। एमएसएमई के कलस्टर के रूप में हस्तशिल्पी व कारीगर हैं। सरकार ने ओडीओपी व विश्वकर्मा श्रम सम्मान से उनके प्रोत्साहन के लिए कार्यक्रम चलाए। कोरोना में जब 40 लाख प्रवासी कामगार श्रमिक यूपी वापस आए थे तो ज्यादातर का समायोजन ओडीओपी के जरिए किया गया था। कोरोना में सबसे बड़ी आबादी वाले यूपी में भी अव्यवस्था नहीं फैली। ट्रेड फेयर का थीम पीएम की प्रेरणा से वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल के साथ प्रारंभ हुआ। सभी 75 जनपदों के उत्पाद को यहां डिस्प्ले किया गया है। इससे जुड़े हस्तशिल्पी और उनके प्रोडक्ट यहां हैं। उनके उत्पादों को वैश्विक मान्यता मिलना यूपी के लिए गौरव की बात है। यह आत्मनिर्भर भारत को बढ़ाने का कार्यक्रम है।




Updated : 17 Nov 2022 6:12 AM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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