विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026 पर चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। भारत में हर चौथा वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित है, जबकि 27% लोगों को अपनी बीमारी का पता तक नहीं है। जानिए क्यों बढ़ रहा खतरा।
भारत में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन तेजी से बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026 के मौके पर सामने आए आंकड़ों ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में लगभग हर चौथा वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित है, जबकि करीब 27 प्रतिशत लोगों को यह तक पता नहीं कि वे इस बीमारी के शिकार हैं।
यही वजह है कि डॉक्टर इसे “साइलेंट किलर” कहते हैं। क्योंकि यह बीमारी बिना किसी बड़े संकेत के धीरे-धीरे शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती रहती है। कई मामलों में जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक दिल, किडनी और दिमाग पर इसका असर शुरू हो चुका होता है।
युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा हाई BP का खतरा
पहले हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 30 साल से कम उम्र के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
दरअसल, खराब लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही है। घंटों बैठकर काम करना, फास्ट फूड, ज्यादा नमक, धूम्रपान, शराब और नींद की कमी शरीर पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में करीब 1.4 अरब लोग हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं। भारत में अकेले लगभग 22 करोड़ लोग इस बीमारी के साथ जीवन जी रहे हैं।
हाई ब्लड प्रेशर शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
जब शरीर की धमनियों पर खून का दबाव लगातार ज्यादा बना रहता है तो दिल को रक्त पंप करने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
धीरे-धीरे इसका असर शरीर की रक्त वाहिकाओं पर दिखने लगता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है।
आम तौर पर 130/80 mm Hg या उससे अधिक ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन माना जाता है। अब समझिए सबसे बड़ी परेशानी क्या है। ज्यादातर लोगों को शुरुआती दौर में कोई लक्षण महसूस ही नहीं होते। कई बार सिर दर्द या चक्कर आने तक लोग जांच नहीं करवाते और बीमारी लंबे समय तक छिपी रहती है।
लोगों को अपनी बीमारी का पता क्यों नहीं चलता?
विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरटेंशन की सबसे खतरनाक बात यही है कि यह शुरुआत में बिना किसी स्पष्ट संकेत के बढ़ता रहता है। कई लोग यह मान लेते हैं कि जब तक कमजोरी या चक्कर जैसी दिक्कत नहीं हो रही, तब तक सब सामान्य है। ऐसे में नियमित हेल्थ चेकअप नहीं कराने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं।
हालांकि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और गंभीर मानी जा रही है। वहां जागरूकता की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुंच के कारण बड़ी संख्या में मरीज समय पर पहचान से वंचित रह जाते हैं।
डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं?
फिलहाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। खासकर अगर परिवार में हाई BP या हार्ट डिजीज का इतिहास रहा हो तो सतर्क रहना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना हल्की एक्सरसाइज, कम नमक वाला भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव कम करना हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस का मकसद भी यही है कि लोग समय रहते इस बीमारी को पहचानें, क्योंकि देर होने पर इसका असर जानलेवा साबित हो सकता है।